
होली जैसे ख़ुशी के मौक़े पर शहर में मातम का माहौल बन गया। नहर में डूबने से पाँच युवाओं की मौत की ख़बर सामने आई है। पहली ख़बर के अनुसार भखरुआं मोड़ निवासी सत्येंद्र कुमार के बेटे की मौत तीन भभरवा के पास नहर में डूबने से हो गई। उसी के तक़रीबन एक घण्टे के बाद दूसरी ख़बर बम रोड से आई। बम रोड की तरफ़ नहर में डूबने से चार युवकों की मौत हो गई।

बम रोड वाली घटना में मरने वालों में से मोनु पिता प्रोफ़ेसर सचीदानंद, हैपी पिता नंदकुमार सोनी, रौशन कुमार एवम् बसंत पेंटर के सुपुत्र शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पूरे शहर में मातम का माहौल बन गया। चाहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हो या अरविंद हॉस्पिटल, लोगों का ताँता बना रहा। वहीं बम रोड वाली घटना में स्थानीय निवासी ओमप्रकाश पासवान, पवन कुमार ,लाल पासवान, राहुल कुमार ,उमेश यादव, सुमंत कुमार , अजित महतो , भुनेश्वर यादव, दीपक कुमार, सनोज कुमार रावण राम , राजू पासवान , नीतीश पासवान ,संजय महतो ,एवं अन्य ग्रामीण क़ुर्बान बिगहा के लोग पहुँच कर डूबने वाले युवाओं को बचाने का भरपूर प्रयास किया। एक युवक को बचा लिया गया जो ख़बर लिखे जाने तक सही सलामत है।

मृतक के परिवार और सम्बन्धियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रसाशन के तरफ़ से भी काफ़ी चूसती देखने को मिली। एक युवक को ऐमबूलेंस का इंतेज़ार करने के बजाए प्रशाशन की गाड़ी से ही जल्द पीएचसी ले जाया गया। वहाँ तत्काल उपचार शुरू किया गया मगर कोई लाभ नहीं हुआ। पीएचसी पर परिजनों ने हंगामा भी किया और बेहतर इलाज कराने की माँग कर रहे थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेजा जा रहा था जिसके बाद लोगों ने हंगामा किया तब जाकर पोस्टमार्टम दाउदनगर में ही कराने की अनुमति मिली।जो औरँगाबाद सदर अस्पताल से पोस्मार्टम की टीम आ रही है।
