डेरा तलाशने में लगे हुए हैं परीक्षार्थी,  लिया जा रहा है मनमाना किराया


औरंगाबाद अनुमंडल के छात्रों का परीक्षा केंद्र दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय में बनाया गया है ,जिसके लिए परीक्षार्थी शहर में डेरा तलाशने में लगे हुए हैं। डेरा देने के नाम पर मकान मालिकों द्वारा मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है। 6 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा होनी है।उसके बाद मैट्रिक परीक्षा होगी।दाउदनगर में 22 परीक्षा केंद्र बनाये गए हैं।

परीक्षा देने हेतु डेरा लेने के लिए परीक्षार्थी भटक रहे हैं परीक्षार्थियों की प्राथमिकता रहती है कि उन्हें परीक्षा केंद्र के आसपास डेरा मिले ,लेकिन ऐसा देखने में रहा है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास का डेरा पहले ही बुक हो चुका है ,जिसके कारण परीक्षार्थियों द्वारा अब अनुमंडल मुख्यालय में कहीं भी मात्र 10 दिन रहने के लिए किराया पर कमरे की तलाश की जा रही है मंगलवार को भटक रहे कुछ विद्यार्थियों ने कहा बताया कि ढंग का कमरा तक नहीं मिल रहा है और प्रति विद्यार्थी आठ से 12 सौ रुपये तक किराये की मांग की जा रही हैवहीं एक कमरा मांगने पर चार से पांच हजार रुपये तक किराये की मांग की जा रही है।ऐसी स्थिति में गरीब घर के विद्यार्थियों को तो अत्यंत ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा ,लेकिन उनकी इस समस्या का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है।
एक परीक्षार्थी ने बताया कि जब वह मौलाबाग में रूम लेने के लिए एक रूम मालिक के पास पहुंचा तो उस मकान मालिक द्वारा पांच हजार की रकम सुनाई गई। ऐसा लगता है मानो मकान मालिकों द्वारा परीक्षा आने का इंतजार किया जाता है ताकि वह परीक्षार्थियों की मजबूरी का फायदा उठा सकें। क्योंकि, आम दिनों में भी एक कमरे का किराया दाउदनगर जैसे शहर में इतना नहीं लिया जाता, जितना परीक्षा के दौरान हफ्ता दस दिनों के लिए वसूल किया जाता है। पूछने पर परीक्षार्थियों ने बताया कि पहले तो चार हजार रुपये तक में डेरा मिल भी जा रहा था, लेकिन अब 3 हज़ार से 5 हजार रुपया तक मात्र 10 दिनों का किराया सुनाया जा रहा है। यही नहीं बल्कि मकान मालिकों द्वारा पूरा पैसे की मांग पहले ही की जा रही है। चुकी परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड मिलने के बाद ही पता चल पाता है कि उनका परीक्षा केंद्र किस केंद्र पर बनाया गया है, जिसके कारण वे एडमिट कार्ड के इंतजार में रहते हैं और एडमिट कार्ड मिलने के बाद वह अपने लिए किराए पर कमरे की तलाश करना शुरू कर देते हैं। परीक्षार्थी जब मकान मालिकों के पास जाकर अपना परीक्षार्थी के रूप में परिचय देते हुए मकान के बारे में बात कर रहे हैं तो सीधे मनमानी रकम सुनने को मिल रही है

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