काफी देर तक हंगामे में तब्दील रहा प्रखंड कार्यालय परिसर, बीडीओ पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप


:शनिवार की दोपहर में प्रखंड कार्यालय परिसर में आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के बीच जमकर बहस बाज़ी हुई।दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का दौर चला ।अंततः दाउदनगर पुलिस ने पहुंचकर आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं को थाना लाया,जहां पर भी आंगनबाड़ी सेविकाएं-सहायिकायें आक्रोशित नजर आई और प्रखंड विकास पदाधिकारी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हंगामे की सूचना पाकर दाउदनगर थाना के सब इंस्पेक्टर शौकत खान एवं एजे खलको के नेतृत्व में पुलिस एवं महिला पुलिस पहुंच गई और आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं को थाना लाया गया प्रखंड कार्यालय परिसर से पैदल चलती हुई ये लोग थाना में पहुंची और थाना में भी आकर आक्रोशित ही दिखीं। थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने आक्रोशित सेविका- सहायिकाओं को समझाने बुझाने का प्रयास कर रही थे।करीब एक सौ की संख्या में सेविकाओं- सहायिकाओं को पुलिस द्वारा थाना लाया गया था। थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें छोड़ दिया जाएगा।
करना था पुतला दहन:
आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ द्वारा चल रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत शनिवार को संघ द्वारा सीडीपीओ कार्यालय के समक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं समाज कल्याण मंत्री का पुतला दहन करना था, जिसे लेकर सीडीपीओ कार्यालय में सुबह से ही दंडाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी ।आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं का आरोप है कि सूर्यमंदिर के पास वे लोग पुतला का निर्माण कर रहे थे, इसी दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम एवं पुलिस ने पहुंचकर उनका पुतला और बैनर को जप्त कर लिया और सेविकाओं सहायिकाओं को खदेड़ दिया।इसके बाद इन लोगों ने इसकी सूचना जिला संगठन को दी ।सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद संघ की जिला मंत्री डैजी दाउदनगर पहुंची। जिला मंत्री का आरोप है कि बीडीओ के पास जाकर उनलोंगो ने आग्रह पूर्वक पुतला देने का आग्रह किया,लेकिन बीडीओ ने कुछ नहीं सुना और उन लोगों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते हुए अपमानजनक बातें कहीं और दाउदनगर पुलिस को बुलवा लिया गया।जिला मंत्री का कहना था कि वे करीब आधा घंटा तक बीडीओ से अनुरोध करती रहीं, लेकिन बीडीओ ने कुछ नहीं सुना और कहा कि किसी भी कीमत पर पुतला दहन नहीं करने देंगे।उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से पूछना चाहती हैं कि क्या आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं का मान सम्मान नहीं है। यदि अपने अधिकार के लिए ये लोग संघर्ष कर रही हैं तो कौन सी गलती कर रही हैं।
नहीं लिया था अनुमति:
प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम ने किसी प्रकार का अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किए जाने से साफ इनकार करते हुए कहा कि उन लोगों का कोई पुतला प्रशासन द्वारा जप्त नहीं किया गया है।अपराहन में आकर वे लोग पुतला दहन करने की अनुमति मांग रही थी,जिसकी उन्हें अनुमति नहीं दी गई और वरीय पदाधिकारी बात करने के लिए कहा गया।

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