
बिहार और अन्य राज्यों में जिउतिया के नकल के लिए प्रसिद्ध दाउदनगर शहर में जिउतिया देखने के लिए पहुंचे दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रोफेसर अनुज लुगुन, उनकी धर्मपत्नी, प्रोफेसर योगेश कुमार,कवि एवं लेखक सत्येंद्र कुमार,प्रो अलख देव प्रसाद अचल और शंभू शरण सत्यार्थी का स्वागत ग्राम रेपुरा में राष्ट्रीय इंटर विद्यालय के शिक्षक अंबुज कुमार सिंह, पटेल इंटर विद्यालय के शिक्षक श्रीनिवास मंडल के नेतृत्व में भव्य तरीके से किया गया।इस अवसर पर समाजवादी नेता सीताराम यादव,समाजसेवी उदय कुमार सिंह, बृज किशोर मंडल,शिक्षक बिजेंद्र सिंह, राजेंद्र पासवान,महेंद्र पासवान,लाला मेहता, गुड्डू,अमरेंद्र,पप्पू सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।इसके बाद बुकनापुर में उनके शिष्य अमरजीत भारती के आवास पर साहित्य, समाज एवं आलोचना विषय पर विचार व्यक्त किए गए।प्रोफेसर अनुज लुगुन ने विश्वविद्यालय की स्थापना से मध्य बिहार में बौद्धिक चेतना के विकास को इंगित किया। उन्होंने साहित्य की उन्नति के लिए अध्ययन अध्यापन पर जोर दिया। प्रोफेसर योगेश कुमार ने वर्तमान समय में साहित्य से समालोचना के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की। शिक्षक अंबुज कुमार सिंह ने दाउदनगर और रेपुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में साहित्य और संस्कृति की उन्नति के लिए आवश्यक सुझाव प्राप्त किए।उन्होंने क्षेत्रों में साहित्यिक गतिविधि के आयोजन पर बल दिया। कवि सत्येंद्र कुमार ने निराला और प्रेमचंद साहित्य पर प्रकाश डाला। श्रीनिवास मंडल ने विश्वविद्यालयों को बौद्धिक चेतना का केंद्र बताया।अलख देव प्रसाद अचल ने वर्तमान समय में समाजवादी चिंतन की चुनौतियों को रेखांकित किया। साहित्यकार शंभू शरण सत्यार्थी इसके लिए सभी को आभार व्यक्त किया। स्वागत और इस कार्यक्रम से सारे अतिथि काफी गदगद थे। उनके साथ शोधार्थी छात्र कुणाल आदि भी मौजूद रहे।

