हिंदी दिवस पर हुआ विद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन

शुक्रवार को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर नवसृजित प्राथमिक विद्यालय गुल्ली बिगहा मे
” कितना समृद्ध हुआ हिंदी” विषय पर गोष्टी का आयोजन किया गया गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम ने बताया सन 1918 में राष्ट्रपिता महात्मा ने हिंदी साहित्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए देशवासियों के सामने यह परिकल्पना पेश किया था कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जाए और उन्होंने हिंदी को जन जन की भाषा घोषित किया.सन 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संवैधानिक रूप से राजभाषा का दर्जा दिया गया पर हिंदी की स्थिति आज भी ऐसी है कि हमें हिंदी की प्रासंगिकता को दिखाने के लिए हिंदी दिवस के रूप में मनाना पड़ता है हिंदी आज भी बोल चाल की भाषा बनकर रह गई है यह आज भी राष्ट्रभाषा के रूप में परिणत नहीं हो सका.आज भी हिंदुस्तान के कार्यालयों में हिंदी के ऊपर अंग्रेजी को तरजीह दिया जाता है. इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकता है कि एक देश अपनी राजभाषा को विज्ञान,कानून, कार्यालय और न्यायालय की भाषा नहीं घोषित कर सकी आज तक .
गोपेंद्र आगे कहा मुझे देश के नौनिहालों से उम्मीद है आने वाले दिनों में हिंदी भाषा के विकास और समृद्धि के लिए काम करेंगे. इस विचार गोष्ठी में अक्षय कुमार, दीपक कुमार,काजल कुमारी, चंचल कुमारी,स्वेता कुमारी,रोहित कुमार,जय गोविंद कुमार अभिषेक कुमार,सुजांती कुमारी, कुसुम कुमारी,कमल कुमारी, विजांती कुमारी,प्रियंका कुमारी इत्यादि बच्चे उपस्थित थे

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