

एक तरफ बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए लाखों खर्च किए जाने के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर शहर की अधिकतर गलियों में पटरी से उतरी बिजली आपूर्ति एवं तारों की रखरखाव व्यवस्था इन दावों की पोल खोल रही है। शहर की इन मुहल्लों में देखा जाए तो गलियों से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। यहां बिजली आपूर्ति के लिए लगाई गई तारों से टच होने का भय बना रहता है। लेकिन इस जनसमस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां हम बात कर रहे हैं दाउदनगर शहर के वार्ड संख्या दो की ,जहां अभी भी लकड़ी के जर्जर पुराने पोल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है।पुराना शहर वार्ड संख्या दो कायस्थ टोला मुहल्ला में करीब एक दर्जन से भी अधिक घरों के बिजली उपभोक्ताओं को लकड़ी के पोल के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उक्त मुहल्ला के निवासी राजेश कुमार सिन्हा, कुणाल कुमार सिन्हा, बबलू कुमार सिन्हा ,रवि रंजन कुमार, लल्लू प्रसाद ,बसंत कुमार ,संजय महतो ,मदन प्रसाद रामप्रवेश महतो आदि ने बताया कि लकड़ी के पोल इस तरह जर्जर हो चुके हैं कि वह कभी भी गिर सकते हैं। पोल और तार जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। इस मुहल्ले में नया बिजली पोल लगाए जाने की आवश्यकता है ,तभी उन लोगों को सुचारू तरीके से बिजली मिल सकती है ।डर लगा रहता है कि कब लकड़ी का जर्जर पुल गिर जाएगा।।