

दाउदनगर प्रखंड के पसवां गांव में अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन के लौटने पर परिजनों एवं ग्रामीणों ने आक्रोशित हो कर पटना औरंगाबाद पथ को पसवां मोड़ के पास करीब दो घंटे से भी अधिक समय तक सड़क जाम कर दिया।जाम की सूचना पाकर थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस पहुंची तथा उग्र ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण प्रशासन की बात को नहीं सुन रहे थे और हल्ला हंगामा करते रहे। आक्रोशित ग्रामीणों को प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम ने भी समझाने का प्रयास किया और समझाया कि जहां सरकारी जमीन होगी, वहां तीन डिसमिल जमीन मुहैया कराया जाएगा।लेकिन ,ग्रामीण उनकी बात को सुनने को तैयार नहीं थे और हल्ला हंगामा जारी रखे हुए थे।ग्रामीणों के आक्रोश को देखते अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को बुला लिया गया ,जिसके बाद जाम को हटाने के लिए पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया।पुलिस ने सड़क जाम किए ग्रामीणों को खदेड़ दिया। ग्रामीणों की ओर से भी पथराव किया गया प्राप्त जानकारी के अनुसार ,दाउदनगर प्रखंड के पसवां गांव में सीओ स्नेह लता कुमारी के साथ सब इंस्पेक्टर शौकत खान के नेतृत्व में पुलिस लाइन से आये पुलिस बल के साथ प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटवाने गांव में पहुंची। बताया जाता है कि अर्जुन साव, प्रसाद साव, सत्येंद्र साव तथा मुन्ना साव पर अतिक्रमण करने का आरोप था।बताया जाता है कि पसवां गांव के एक सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा करीब 50 वर्ष पूर्व घर का निर्माण करा लिया गया था, जो पत्थरकट्टी गांव के निवासी बृजकिशोर सिंह की जमीन के आगे था।बृजकिशोर सिंह ने इसकी शिकायत अंचलाधिकारी से की थी ,जिसके बाद अतिक्रमण वाद चला था और पूर्व के सीओ द्वारा अतिक्रमण हटवाने का आदेश पारित किया गया था। एसडीओ द्वारा दंडाधिकारी के रूप में सी ओ स्नेह लता कुमारी को तैनात किया जाने बाद पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलवाकर मंगलवार को प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंची थी।बताया जाता है कि प्रशासन की टीम ने पहुंचकर अतिक्रमण को हटवा दिया और उसके बाद लौट गयी।परिजनों का आरोप है कि उनके घर की झोपड़ी में आग भी लगा दिया गया है ,जबकि सीओ इससे साफ इंकार करती हैं.इनका कहना है कि प्रशासन अतिक्रमण हटवाकर लौट गयी थी।

