
औरंगाबाद में हुए धार्मिक उन्माद के विरोध में स्वराज पार्टी(लो.) द्वारा गुरुवार को दाउदनगर में सद्भावना मार्च में निकाला गया।
यह सद्भावना मार्च नगर परिषद कार्यालय दाउदनगर से निकलकर दाउदनगर बाजार से भखरूआ मोड़ होते हुए अनुमंडल कार्यालय परिसर तक गया जहाँ सभा में तब्दील हो गया। स्वराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र व बिहार सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने का भरपूर प्रयास कर रही है। जनता को आपस में लड़ाकर रखना चाह रही है,ताकि जनता उनसे उनके कामों का हिसाब न मांग सके और वे इसी तरह देश में राज कर सके।पार्टी महासचिव कुमार राजेश ने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण इस देश में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है जो अगामी लोक सभा चुनाव में मोदी सरकार को सबक सिखाने वाली है। देश के युवाओं के हाथों में तलवार पकड़वाकर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश रची जा रही है, ताकि युवा इसमें उलझ जाये और सरकार का विरोध न कर सके। देश के इन युवाओं के हाथों को तलवार नहीं रोजगार चाहिये। ताकि वे अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करने के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। नेताओं ने राज्य सरकार से दोषी पदाधिकारियों पर अविलंब कारवाई करने की मांग किया। सद्भावना मार्च में स्वराज पार्टी के कोषाध्यक्ष कामता प्रसाद, दाउदनदर प्रखंड अध्यक्ष अखिलेश यादव, सचिव मिथलेश सिंह, ओबरा प्रखंड अधयक्ष कुमुद रंजन,हरिनाथ सिंह, किसान स्वराज अध्यक्ष रामजी सिंह, श्रमिक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार, महेन्द्र मंडल, सरदारजी व लक्षमण पासवान ,विनय कुमार सिंह समेत स्वराज पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओ ने सद्भावना मार्च में अपनी बात रखते हुए दंगों के लिये सरकार को दोषी ठहराया।