एटीएम् सेवा की खुली पोल, बैंक में भीड़ कल से ज्यादा

500 और 1000 के नोट के चक्कर में आम आदमी का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लोग सारे काम छोड़ कर बस बैंकिंग की कतार में लगे हुए हैं। पिछले तीन चार दिनों से लोगों में नगदी रुपयों के लिए चिंता बनी हुई है। सरकार के द्वारा लिया गया एक ठोस क़दम है जो जनता की भलाई के लिए है जिसकी सभी सराहना कर रहे हैं मगर प्लान को लागू करने में विफलता भी साफ साफ दिखाई दे रही है। घोषणा के मुताबिक आज एटीएम् की सेवा सभी जगहों पर मिलनी चाहिए थी पर पूरे देश से एटीएम् सेवा की उपलब्धि न होने की खबर आ रही है। चाहे ओ मेट्रो सिटी हो, या छोटा शहर या फिर गांव, लोगों में हड़बड़ाहट और घबराहट दोनों देखने को मिल रही है। यह तो तय है कि बैंकिंग के लिए लंबी कतार में खड़े होने वाले लोग अपनी रोजमर्रा और तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इस हद तक मुशक्कत कर रहे हैं।

पोर्टल के रिपोर्ट्स ने दाउदनगर के एटीएम् केंद्र का जायजा लिया तो ज्यादातर केंद्र बंद पड़ा हुआ था और इक्का दुक्का अगर खुला भी था तो काम नहीं कर रहा था।

लोग जो कल तक का इंतज़ार किए आज उनके सब्र का पहाड़ भी टूट पड़ा और न चाहते हुए भी बैंक के कतार में खड़े हो गए। बैंक का कार्यकाल शुरू होने के पहले से ही लंबी कतार (जैसा कि आप तस्वीर में देख सकते हैं) लगाकर खड़े हो गए। दाउदनगर की बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का लाइन लखन मोड़ तक पहुंच गया तो वहीँ दूसरी तरफ बैंक ऑफ़ बड़ौदा का लाइन मीत वाच सेंटर तक पहुंच गया। पतली सड़क और इस प्रकार के भींड़ में जाम की समस्या पैदा हो गई जिसे हटाने के लिए प्रशाषन की मदद ली गई। बैंक के आसपास के दुकानदार काफी परेशान हैं क्योंकि उनके ग्राहकों को आने जाने के लिए जगह नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।

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