
पिन्टू कुमार आर्य की रिपोर्ट:-
दाउदनगर मौलाबाग स्थित सूर्य मंदिर कहने को तो पौराणिक मंदिर है समय-समय पर इसकी देख-रेख होने की भी बात आती है लेकिन जमीनी स्तर पर काम कुछ होता नहीं है किये गए वादे सिर्फ जुमला साबित होकर रह जाते हैं। क्योंकि जो भी कमिटी के गठन होता है उसमें मंदिर के विकाश को पहली प्राथमिकता दी जाती है तो फिर इस पावन छठ पर्व पर जो पूरी साफ-सफाई और नियम पूर्वक होता है उसमें कहीं भी सूर्य मंदिर के परिषर या अन्य कोई और जगहों पर शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके वजह से लोग एक तरफ परेशान है तो दूसरे तरफ आक्रोशित भी हैं क्योंकि यह एरिया नगर परिषद का एरिया है तो फिर यहाँ मोबाइल टॉयलेट की कोई बेवस्था क्यों नहीं है जबकि मोबाइल टॉयलेट नगर परिषद के पास उपलब्ध है। जिसे उपयोग के लिए कहीं नहीं लगाया गया है। क्या सिर्फ यह शोभा मात्र का वास्तु है या कहीं इसे किसी प्रदर्शनी में दिखाने हेतु सहेज कर रखा जा रहा है। सोशल मिडिया के माध्यम से उक्त बातें हो रहीं हैं। जरूरत है इस पर एक उचित कदम उठाने की जो प्रशाषन या नगर परिषद को उठाना चाहिए।
वैसे तो एक सार्वजनिक शौचालय मंदिर परिषर के समीप बना हुआ है लेकिन उसमें ताला लटका हुआ है। इस सार्वजनिक शौचालय को बनने के पूर्व अधिकारियों ने कहा था कि इस सौचालय का उयोग मंदिर की हित में किया जाएगा तो क्या आज वह बात सिर्फ एक जुमला साबित बनकर रह गया है?