बालू उठाव के लिए दाउदनगर बारुण पथ से काली स्थान होते हुए पूर्णा बिगहा बालूघाट तक कच्ची सड़क बनाया जाना पूरी तरह अव्यवहारिक है। यदि कच्ची सड़क का निर्माण कर बालू उठाव कराने का प्रयास किया गया तो आम जनता द्वारा आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। यह बिल्कुल अव्यवहारिक है और जनाकांक्षा व जनहित के विपरीत है। उक्त बातें भाजपा जिला प्रवक्ता एवं नदी बचाओ संघर्ष समिति के अनुमंडल संयोजक अश्विनी तिवारी ने एक प्रेस बयान जारी कर कही है। उन्होंने कहा है कि इस प्रखंड में पूर्णा बीघा को घाट को सरकार द्वारा सोन नदी से बालू उठाव हेतु चिन्हित किया गया है, लेकिन वहां से बालू उठाव का रास्ता काली स्थान घाट से बनाया जा रहा है जबकि पुराना शहर एवं काली स्थान घाट का इलाका पूर्व से ही बाढ़ प्रभावित रहा है। काली स्थान सोन नदी तट पर कई पौराणिक मंदिर हैं। यदि कच्ची सड़क का निर्माण कर इस सड़क से हाईवा एवं ट्रैक्टर द्वारा बालू उठाया जाता है, तो सोनतटीय क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचेगा। साथ ही काली स्थान घाट होते हुए वाहन दाउदनगर बारून पथ पर पहुंचेंगे। जिससे इस पथ को भी नुकसान पहुंचेगा, इसके अलावा भगवान बिगहा होते हुए सिपहां होते हुए एन एच 139 के दाउदनगर पटना पथ पर पहुंचेंगे। सिपहां पूर्व से ही जर्जर स्थिति में है, जिस पर भारी वाहनों का परिचालन पर पूर्व से ही रोक लगा हुआ है। भारी वाहनों के परिचालन से उक्त पुल के भी ध्वस्त होने की संभावना बनी रहेगी। ऐसी स्थिति में काली स्थान से होते हुए पूर्णा विगहा तक बालू वाहन परिचालन हेतु रास्ते का बनाया जाना अत्यंत ही अव्यवहारिक है। जिस पर पहल करते हुए प्रशासन को अविलंब रोक लगाना चाहिए। श्री तिवारी ने कहा कि इस बिंदु की ओर उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री बृज किशोर बिंद का भी ध्यान आकृष्ट कराया है और उनसे कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
