
बारूण प्रखंड के बर्डिकला ग्राम में विकास कोचिंग सेंटर के प्रांगण में शुक्रवार को संस्कृत के विद्वान शिक्षक स्वर्गीय रामचन्द्र पांडेय की पुण्यतिथि के अवसर पर स्वर्गीय रामचन्द्र पांडेय स्मृति सेवा संस्थान के द्वारा विद्यार्थियों के बीच संस्कृति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में संस्कृत व्याकरण एवं संस्कृत भाषा से जुड़े प्रश्न पूछे गए। दो दर्जन विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रथम स्थान रानी कुमारी, द्वितीय स्थान दीपक कुमार एवं तृतीत स्थान ज्योति कुमारी एवं नागेन्द्र कुमार ने प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों के अंदर संस्कृत पढ़ने की ललक को बढ़ाना था, क्योंकि स्वर्गीय पांडेय संस्कृत के शिक्षक थे तो उनके प्रति श्रद्धांजलि भी।

प्रतियोगिता में भाग लेनेवाले सभी प्रतिभागियों को संस्कृत व्याकरण का किताब देकर सम्मानित किया गया । प्रथम तीन स्थान प्राप्त करनेवाले एवं अन्य प्रतिभागियों को सेवा संस्थान के द्वारा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर उपस्थित उनके अग्रज एवं स्वर्गीय रामचन्द्र पांडेय स्मृति सेवा संस्थान के मुख्य सरंक्षक तीर्थराज पांडेय ने कहा कि अत्यंत ही निर्धन परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनके अंदर शिक्षा प्राप्त करने की बहुत ललक थी। कठिन परिश्रम और प्रतिभा के दम पर उन्होंने उच्च विद्यालय के शिक्षक का पद प्राप्त किया था। अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण उनमें कूट-कूट कर भरा था। मेरे लिए ये गौरव की बात है कि मैं उनका बड़ा भाई हूँ। उन्होंने प्रतिभागियों को परिश्रम और ईमानदारी से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।गांववासी दुधेश्वर बैठा ने उन्हें पूरे गाँव के लिए गौरव बताया। कोचिंग के निदेशक विकास चौबे ने प्रतिभागियों को उनके जैसा बनने के लिए कहा एवं बताया कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। इस अवसर पर स्वर्गीय पांडेय के शिक्षक पुत्र एवं स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय युवा मंच के राष्ट्रीय संयोजक अनुज कुमार पांडेय, अभय कुमार पांडेय, अजय कुमार पांडेय, शिवपूजन पांडेय,रामनाथ पांडेय, लवकुश पांडेय, आलोक चौबे ,मनीष रजक,सुजीत शर्मा एवं बहुत सारे ग्रामवासी उपस्थित थे।
इससे पहले बर्डिकला में स्थित उनके स्मारक पर तीर्थराज पांडेय के नेतृत्व में सभी लोगों ने माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि को अर्पित किया।
ज्ञातव्य हो कि स्वर्गीय रामचन्द्र पांडेय का जन्म 19-04-1949 ई. को बिहार के औरंगाबाद जिले के बारूण प्रखंड के ग्राम बर्डिकला में पिता रामविलास पांडेय एवं माता सरस्वती देवी के घर में हुवा था । बाद में अपनी मेहनत और लगन से उच्च विद्यालय के शिक्षक बनें। नौकरी के दौरान ही अशोक इंटर विद्यालय में पदस्थापित रहते हुए गम्भीर बीमारी के कारण 26 अक्टूबर 2005 (कार्तिक कृष्णपक्ष नवमी) को उनका निधन हो गया था। वे अपने पीछे अपनी पत्नी और चार पुत्रों को छोड़ गए थे। शिक्षक समाज में वे एक कर्तव्यनिष्ठ , अनुशासित एवं सादगीपसंद व्यक्तित्व के रूप में प्रसिद्ध थे।
