
नवरतन चक दाउदनगर में Heritage soceity के डॉक्टर अनन्ता आशुतोष द्वेदी जी विद्यालय के प्रार्थना सभा में बच्चों को संबोधित किया उन्होंने कहा की भारतीय विरासत देश की रीढ़ है। भारतीय धरोहर का संरक्षण आज युवावों के कंधे पर है, औरंगाबाद के कई स्थल ऐसे हैं जो की भारतीय विरासत के मानक आधार स्तंभ है उनमे से कुटुम्बा पुरे भारत में इतिहासकारों के लिए आकर्षण का केंद्र है। क्योंकि यहाँ दस हजार वर्ष पूर्व के भारतीय लिपि का अवशेष है जो की मध्य पाषाण काल की उपलब्धि है। बिहार में ऐसे गिने चुने स्थल है बहुत शीघ्र ही संस्कार विधा निकेतन और किड्ज वर्ल्ड के बच्चों को भी इनके माध्यम से प्राचीन ब्राहमी लिपि से अवगत कराया जायेगा ताकि बच्चें अपना नाम व पता ब्राहमी लिपि में लिख सकें जिस लिपि में सम्राट अशोक लिखा करते थे साथ में डिजिटल इण्डिया प्रोजेक्ट के अधिकारी श्री नितेश प्रसाद ने बताया के विधार्थी जीवन बच्चों का स्वर्णिम काल होता है एवं कठिन परिश्रम के द्वारा लक्ष्य निर्धारण करके अपने मुकाम तक पहुँच सकते हैं

CE.O आनंद प्रकाश ने कहा की समय समय पर बच्चों को विद्वानों के द्वारा उत्प्रेरित किया जाता है!ईस मौके पर दोनों अतिथियों को सम्मानित किया गया और उन्होंने आभार व्यक्त किया उन्होंने बताया की भारत वर्ष की विरासत एवं संस्कृति दोनो को संजोना होगा! हम सब का नैतिक कर्तव्य है की हेरिटेज सोसायटी के द्वारा विद्यालय में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे !
संस्कार विद्या के ऊप CEO ने कहा की विद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों को नई उड़ान एवं बच्चें देश के निर्माण में अपनी सशक्ता भागीदारी निभाएंगे! कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रचार ऐ के मिश्रा द्वारा किया गया !
Youth Hai Shakti Ese Sahi Disa ki jarrurat Hai