राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों का है महत्वपूर्ण योगदान

  दाउदनगर विवेकानंद मिशन स्कूल के सदभावना परिसर में सोमवार को शिक्षक दिवस के पूर्व  सुबह की सभा का संचालन शिक्षकों ने किया। बच्चों की भूमिका में शिक्षक रहे। कमांडिग की भूमिका प्राचार्य चन्द्रशेखर नायक ने निभाया तो संबोधन निदेशक डाॅ. शंभू शरण सिंह ने किया। राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा करते हुए डाॅ. शंभू ने समय के बदलते परिदृश्य में स्वयं में बदलाव लाने का दायित्व निभाने की वकालत की। प्रार्थना शिक्षिकाओं की टीम ने गाया तो समाचार वाचन रविशंकर कुमार ने किया। विमल मिश्रा की अम्पायरिंग में शिक्षकों और छात्रों की टीम की बीच एक फैन्सी ‘बाॅलीबाल‘ मैच का आयोजन हुआ। मैच 3-0 से छात्रों की टीम ने जीत गई। विले विवेकानंद ब्रिगेड की टीम ने वर्ग संचालन से लेकर प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेवारी बखुबी निभाई। प्रबंधक की भूमिका में अजय देव ने कौशल का परिचय दिया तो प्राचार्य के रूप में दुर्गेश नंदन ने जिम्मेदारी उठाने और कर्तव्य के निर्वहन का प्रदर्शन किया। इनकी टीम में शामिल विवेकानंद ब्रिगेड के 27 छात्र-छात्राओं ने कक्षा संचालन कर शिक्षकीय दायित्व निभाया। विवेकानंद ब्रिगेड मिशन का ब्रिगेडियर मिशन रंजन कुमार, वर्ग-दशम् ने संरक्षक और आॅवजर्वर की भूमिका निभाई। शिक्षकों की ओर से नियुक्त निर्णायक के रूप में नीरज कुमार, कमलेश कुमार राय, ओमकारनाथ, विपल्लवी कुमारी, श्वेता कुमारी इत्यादि ने सभी गतिविधियों का मूल्याकन किया। पांच सितम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती होगी। सोमवार की भूमिकाओं के लिए बिग्रेड सदस्य मंगलवार को पुरस्कृत किये जायेंगे। प्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को उत्तरदायी नागरिक बनाने की दिशा में यह प्रयास बड़ा सार्थक है सिद्ध हुआ है और हमारी संस्कृति में रच-बस गया है।

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