संतोष अमन की रिपोर्ट:-
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने का निर्णय एक सुधारवादी,प्रगतिशील व समतामूलक कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करती है। हमें विश्वास है कि महिलाओं को भारतीय संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार के पूर्ण क्रियान्वयन की दिशा में यह एक बड़ा कदम सिद्ध होगा। ये बातें विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य रविशंकर कुमार ने कही |आज का युवा कुरीतियों से मुक्त समाज बनाने हेतु संकल्पित है | सुप्रीम कोर्ट का निर्णय युवा भारत के उस संकल्प की दिशा को बुलंद करने वाला है।
अभाविप केंद्र सरकार से मांग करती है कि तीन तलाक के खिलाफ तुरंत सांसद द्वारा कानून बनाने की पहल करे। साथ ही, सभी राजनैतिक दलों से अपील करती है राजनीतिक गुणा-भाग से ऊपर उठकर ऐसे कानून का समर्थन करें।