विश्वकर्मा समाज द्वारा दिनांक 17 जुलाई को संध्या 07:00 मीटिंग बुलाई गई, जिसे सफल बनाने के लिए अध्यक्ष अर्जुन विश्वकर्मा, कोषा अध्यक्ष श्री राम विश्वकर्मा, सचिव बुटन विश्वकर्मा की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय नगर कार्यालय पर आयोजित बैठक में रणनीति तैयार की गई | जिसमे विश्वकर्मा समाज को बिहार आदिवासी जागृति मंच का नाम दिया गया ।
बिहार प्रदेश मे आदिवासीयों का 32 जातियो का समूह है जबकि अनुसुचीत जन जातियो का आरक्क्षण मात्र 1% है। इससे हमारे आदिवासी समुदाय में सरकार के प्रती नाराजगी बढाती ही जारही है और सरकार के इस रवायेसे से हम सब असंतोष है ।
अध्यक्क्ष अर्जुन विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षा से ही हमारे समाज का विकास सम्भव है। इसलिए अपने समाज को विकास की मुख्य धारा मे जोड़ने के लिए अपने पाल्यों को शिक्षित करने के साथ उन्हें तकनिकी शिक्षा भी ग्रहण कराएं।इस दौरान :-डॉ0 धर्मेन्द् विश्वकर्मा,अर्जून विश्वकर्मा,चन्दन विश्वकर्मा, नंदकिशोर विश्वकर्मा,अशोक विश्वकर्मा,सतेन्द्र विश्वकर्मा,परमान्नद ,संतोष ,अरविंद रामजी,राजीव ,राजीवरंजन,त्रीभुन विश्वकर्मा उपस्थित रहे ।
