पीर सूफी सैयद शाह एजाज अहमद कादरी का निधन हो गया।61 वर्ष के थे काफी दिनों से बीमार थे।इनका इलाज कोलकाता में चल रहा था। इस दरमियान इन्तेकाल(निधन) हो गया।उनके पार्थिक शरीर को पुरानी शहर आवास पर लाया गया।उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गयी।काफी संख्या में उनके मुरीद व स्थानीय लोंगो ने पहुंचकर उनका अंतिम दर्शन किया।राजद नगर अध्यक्ष मुन्ना अजीज ने उनके निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि वे पुराना शहर खानकाह में धार्मिक व मानव कल्याण का कार्य करते थे।उन्होंने कई किताबें भी लिखी थीं,जिनमें कर्बला के मुसाफीर,मासूमियत के दो फूल,लहू की पुकार,कासकोल सैय्यादुल हिंद पार्ट वन एवं पार्ट दो शामिल हैं।देश के विभिन्न राज्यों में जाकर इन्होंने धार्मिक प्रवचन देते थे और भारत के कई राज्यों में इनके मुरीद पाए जाते हैं।इनके दो पुत्र सैय्यद अहमद अता हुसाम कादरी एवं सैय्यद अहमद तहामिउल कादरी के अलावे पांच पुत्रियां हैं।इनके पुत्र भी धार्मिक कार्य में लगे रहते हैं।
