सोमवार की संध्या न्यूटन कोचिंग सेंटर के प्रांगण में प्रबुद्ध भारती द्वारा मो.रफ़ी की पूण्य तिथि पर एक शाम रफ़ी के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुवात में मो.रफ़ी साहेब की चित्र पर सभी ने पुष्पांजलि कर के श्रधांजलि दी।
वक्ताओ ने उनकी जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा की मो.रफ़ी ने अपनी अलग पहचान बना ली थी उन्होंने अपनी गायकी से सभी का चहेता बन गए थे
कहा की फिल्म कैरियर में हिंदी, मराठी, तेलगू, असमिया, पंजाबी और भोजपुरी भाषाओं में छब्बीस हजार से ज्यादा गीतों को अपनी आवाज़ देने वाले इस सर्वकालीन महानतम गायक और सदा हंसते चेहरे वाली बेहद प्यारी शख्सियत मोहम्मद रफ़ी का देहावसान 31 जुलाई, 1980 को हुआ।
कार्यक्रम में फिर आगे संगीत महफ़िल का दौर चला ,प्रबुद्ध भारती के कलाकारों ने मो.रफ़ी के गाये गानो को जब गाया तो सभीे मन्त्रमुग्ध हो गये,बारी बारी से सभी रफ़ी के गाने गाकर उनकी याद ताज़ा की।
इस अवसर पर ब्रजेश कुमार,डॉ एस पी सुमन,ओम प्रकाश,डॉ दिनु प्रसाद, संजय तेजस्वी,विकाश कुमार,गोविंदा राज,मनोज मुस्कान, विक्की,संकेंत सिंह,अनूप पांड्य,चन्दन कुमार,अनुजचन्द्र पांडेय एवं सभी प्रबुद्ध भारती के कलाकारों के साथ अन्य सेकड़ो गण्यमान्य उपस्थित थे।कार्यक्रम की संचालन द्वारिका प्रसाद ने किया।

