
राशिद इमाम की रिपोर्ट:
वार्ड संख्या 9 को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली पथ के बीच में एक नाला बहुत दिनों से टूटा हुआ पड़ा था। कई बार इसकी जानकारी उस वार्ड के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ललन प्रसाद को दी गई परंतु कोई लाभ नहीं हुआ। पोर्टल के साथ साथ मीडिया ने भी इसको उजागर किया। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत में भी इसकी जानकारी दी फिर भी हालत जस का तस रह गया। हालात बिगड़ते हुए ऐसा हाल हो गया कि यहाँ से एक बाइक का भी गुज़रना मुश्किल होने लगा था।

यह वार्ड संख्या 9 को जोड़ने वाली सबसे व्यस्त रास्ता है जो कई मुहल्लों के लोगों के आवागमन को आसान बनाती है। तीन पटियों के द्वारा इस नाले को ढका गया था मगर दो पटिया टूट जाने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। इस समस्या का हल किसी के पास मौजूद नहीं था इसलिए स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग से इसका हाल निकाला। इस कार्य में तक़रीबन 2,500 रुपए का ख़र्च आया जिसे मुहल्ले वालों ने मिलकर उठाया।
अब सवाल यह है कि इसकी हालत पर नगर पंचायत के तरफ़ से कोई संज्ञान क्यूँ नहीं लिया गया था? एक वार्ड पार्षद के लिए इतना कठिन कार्य था कि महीनों बित जाने पर भी इसका हल नहीं निकाल पाए?