
पं. देवशरण मिश्र
गुरू पूर्णिमा पर गुरु की आराधना के बाद श्रद्धालु एक माह के लिए गुरूओं के गुरू भगवान शिव की पूजा मे लीन हो गये हैं। 27 वर्ष बाद ऐसा संयोग बना है कि इस बार सावन भगवान शिव के दिन सोमवार को शुरू हुआ और इसका समापन भी सोमवार को ही होगा। 1990 में ऐसा संयोग बना था। हनुमान मंदिर दाउदनगर के पुजारी पं.देवशरण मिश्र ने कहा कि इसे इन्दुवार हर्षण योग कहते है। पूरे माह में इस बर्ष पांच सोमवार पड़ रहे हैं। इस बर्ष सावन माह में सोमवार व्रत का पुण्य हजारो गुना अधिक होगा और व्रती पर भगवान शिव की अक्षय कृपा बनी रहेगी। पहली सोमवारी समाप्त हो चुकी है। दूसरा सोमवार सत्रह जुलाई को पड़ेगा इस दिन अष्टमी तिथि अश्विनी नक्षत्र और धृति योग है स्वामी चन्द्रमा राज्य स्थान मे है इस दिन का ब्रत राजकीय कार्यो में सफलता दिलाएगी। तीसरा सोमवार चौबीस जुलाई को है इस दिन प्रतिप्रदा तिथि पुण्य नक्षत्र और सिद्धि योग है इस दिन का ब्रत दिन के स्वामी चन्द्रमा केंद्रगत शरीर पर होने से अरोग्ता व वंश वृद्धि के लिए उत्तम रहेगा। चौथा सोमवार 31 जुलाई को है। इस दिन अष्टमी तिथि स्वाती नक्षत्र और शुभ योग है दिन के स्वामी चन्द्रमा के भूमि,भवन व सुख के स्थान पर से दिन के ब्रत से भूमि,भवन व भौतिक सुख की प्राप्ति के योग है। सावन माह का पांचवा व अन्तिम सोमवार सात अगस्त को है इस दिन पूर्णिमा तिथि, श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग है दिन का स्वामी चंन्द्रमा के सप्तम स्थानंगत होने से विवाह के योग बनेगे और दाम्पत्य जीवन में मधुरता व सुख का प्रवेश होगा।