राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सीबीआई का छापा राजनीति में बदले का कार्यवाई है। राजद के प्रस्तावीत रैली भाजपा भगाओ, देश बचाओ के रैली को भाजपा अभी से ही सफल मान रही है। इस रैली के लिए हुई तैयारी को देखकर भाजपा डर गई है। सीबीआई और छापा साफ़ दर्शाता है की भाजपा को डर सताने लगा है जिससे भाजपा सरकारी तंत्र को ग़लत तरीक़े से लालू प्रसाद पर इस्तेमाल कर रही है और डराना चाहती है लेकिन राजद कार्यकर्ता डरने वाले नहीँ है बल्कि इससे रैली की तैयार करने के लिए और भी ज्यादा जोश बढ़ गया है। भाजपा के नेताओं को सबूत के साथ भी अरोप लगाओ तो सीबीआई उनपर पर छापा नहीँ मारती। आख़िर क्यों? सुशील मोदी ने अपने बयान में कहा था की हो सकता है लालू यादव रैली के दिन जेल में रहें। सरकारी तंत्र को इतनी भी ग़लत प्रयोग नहीँ करें की जनता को सरकारी तंत्र से विश्वास ही उठ जाए। लालू यादव को जितनी बार परेशान किया जाएगा राजद और उसके कार्यकर्त्ता उतना ज्यादा मज़बूत होंगे। भाजपा कितने लालू को जेल में डालेगा राजद के हरेक कार्यकर्त्ता लालू है।
उक्त बातें दाउदनगर के युवा राजद के प्रखंड प्रवक्ता सुनील कुमार ने कही।