अभी त्योहारों का दिन है और इस बार दशहरा और मुहर्रम साथ साथ मनाया जा रहा है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि दो विभिन्न धर्मों का दो महत्वपूर्ण त्यौहार एक ही समय में मनाया जा रहा हो। पुरे देश में इसबार दशहरा और मुहर्रम एक साथ मनाया जाना चर्चा का विषय है। हर जगह पे दोनों धर्मों के लोगों ने शांतिपूर्वक त्यौहार मनाने के लिए रज़ामंदी ज़ाहिर की है बावजूद इसके कोई असामाजिक तत्व किसी भी प्रकार का कोई अप्रिय घटना को अंजाम न दे, इसके लिए प्रशाषन ने कमर कस रखा है।
कुछ दिनों पहले त्योहारों के लिए थाना परिसर दाउदनगर में शान्ति कमिटी की बैठक हुई थी। अभी जो बाजार में नज़ारा देखने को मिला उसे हम यही कहेंगे कि हम दाउदनगर वासियों का आपसी प्यार, शान्ति को अगर केसरिया एवम हरा रंग के झंडों के बीच डाल के देखा जाये तो पूरा दाउदनगर अभी तिरंगे की रंग में रंगा हुआ दीखता है।
यही है हमारे दाउदनगर की खासियत, यही हमारी पहचान है। त्योहारों को हम सब आपसी भाईचारे के साथ मनाते हैं। दोनों धार्मिक झंडों के बीच रहकर एकता और अखंडता को दर्शाते हैं।

Bahut hi achha concept laga.. Indian leaders should learn from this..