कुव्यवस्था का दंश झेलने पर मजबूर है सदर अस्पताल

संतोष अमन की रिपोर्ट:

सदर अस्पताल, औरंगाबाद कुव्यवस्था का दंश झेलने पर मजबूर है। जिले का 11 प्रखंडों का एकमात्र सदर अस्पताल इतनी बड़ी कुव्यवस्था का शिकार है। सही मायने में न तो चिकित्सक उपलब्ध है और न ही स्वास्थ्यकर्मी। व्यवस्थाओं का इतना घोर अभाव होना मामूली से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को भी दम तोड़वा सकता है। उक्त बातें अभाविप के प्रदेश मंत्री दीपक कुमार ने कहा।

बताया कि अस्पताल में डेढ़ साल से एक्सरे की कोई सुविधा नहीं है, वही पर्याप्त एंबुलेंस की भी सुविधा नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग- दो, एन एच- 98 और एन एच- 102 से जुड़ने वाली जिला औरंगाबाद; जहां शायद कोई भी ऐसा दिन न होता हो, जिस दिन इन राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़े हादसे न हो। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सर्वप्रथम सदर अस्पताल लाया जाता है, लेकिन कोई व्यवस्था न होने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद ही रेफर कर दिया जाता है। 30 चिकित्सा के जगह मात्र छह चिकित्सक ही कार्यरत हैं, वही महिला डॉक्टरों का भी घोर अभाव है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.