पैसा नही है तो झेलनी पड़ती है समस्या

यदि कोई मरीज जख्मी होकर दाउदनगर पीएचसी में पहुंचता है तो तत्कालिक तौर पर यदि उसके पास पैसे नहीं हैं तो समस्या झेलनी पड सकती है। या तो उधार किसी मेडिकल दुकान से कुछ अत्यावश्यक दवाएं मंगानी पडेंगी या फिर किसी से कर्ज लेकर काम चलाना पडेगा। जिन प्रमुख दवाओं का अभाव है उनमें दर्द निवारक सुई डिलोना एवं टेटनेस की सुई टेटभेक एवं डिस्पोजिबुल सिरिंज प्रमुख रूप से शामिल है। इसकी आवश्यकता मरीज को तत्कालिक तौर पर होती है। सूत्रों के अनुसार करीब तीन महीने से ये दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। मरीज को बाहर की दुकानों से इन इंजेक्शन को लाने के लिए कहा जाता है। यही स्थिति बंध्याकरण आॅपरेशन के समय की भी होती है। सवाल यह उठता है कि यदि किसी मरीज के पास तत्कालिक तौर पर पैसा उपलब्ध नहीं हो तो वह कहां से किसी निजी मेडिकल दुकान से खरीदकर लाएगा।  जब इस बारे में ओटी असिस्टेंट सुरेश यादव से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें हाल ही में ओटी का प्रभार मिला है और अभी संपूर्ण प्रभार भी नहीं मिला है इसलिए उन्हें नहीं पता है कि ओटी में कौन-कौन सी दवाएं हैं और कौन-कौन नहीं।

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