अहम सवाल- क्या हम बरसात के लिए तैयार हैं?


चिलचिलाती गर्मी में अगर किसी से पूछें तो उन्हें सबसे ज़्यादा इंतेज़ार रिमझिम बारिश की होगी और हो भी क्यूँ ना? तक़रीबन डेढ़ माह के समय के बाद सम्भावित रूप से शुरू होगा बरसात का मौसम। मगर एक अहम सवाल यह है कि क्या हम बरसात के लिए तैयार हैं? शहर में कई ऐसे जगह हैं जहाँ थोड़ी सी बरसात में जल जमाव हो जाता है। शहर में कई ऐसी सड़कें और गलियाँ दिखेंगी जो बरसात में आवागमन को बाधित करती हैं

हमारा शहर नगर पंचायत से नगर परिषद हो गया और इसी कारण चुनाव भी स्थगित कर दिया गया। मगर क्या उन सड़कों या गलियों का भाग भी बदला या बदलने वाला है? शहर के मुख्य सड़कों पर विभिन्न जगहों पर जल जमाव की समस्या दिखने लगती है। भाखरुआं मोड़ में गया रोड, फाटक के पास, पूरी मुहल्ला इत्यादि कई ऐसे जगहें हैं जहाँ पर थोड़ी सी बारिश में ही जल जमना शुरू हो जाता है और पूरे बरसात के मौसम तक वैसा ही मंज़र बना होता है।

नगर पंचायत की तरफ़ से कोई ठोस क़दम नहीं उठाया जाता और नाही किसी जन प्रतिनिधि का ध्यान इस पर जाता है। वक़्त गुज़रता जा रहा है पर पूरे शहर में गंदगी और जल निकासी की समस्या कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। गंदगी और जल जमाव पूर्ण रूप से कई बीमारियों को जन्म देगी। तो प्रश्न अब भी वही कि क्या हम बरसात के लिए तैयार हैं?

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