स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीद, आजादी के महानायक प्रफुल चन्द्र चाकी का बलिदान दिवस मनाया गया

दिनांक 01-05-2017 दिन सोमवार को महात्मा ज्योतिबा फुलेनगर, शहीद प्रमोद सिंह पथ पर अवस्थित स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय युवा मंच के कार्यालय में मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री अनुज कुमार पांडेय के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीद, आजादी के महानायक प्रफुल चन्द्र चाकी का बलिदान दिवस मनाया गया! इस अवसर पर समाजसेवी अजय पांडेय, मुकेश मिश्रा, नन्दकिशोर आदित्य, दुर्गेश मिश्रा, मनीष सिन्हा, विनीत मिश्रा, आकाश मिश्रा, अभिषेक आर्या, मंच के प्रेरणास्त्रोत दिव्यांग एक्यूप्रेशर चिकित्सक डॉक्टर विकाश मिश्रा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे! सभी लोगों ने अमर शहीद प्रफुल्ल चन्द्र चाकी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें हृदय से नमन किया! प्रफुल चन्द्र चाकी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए अनुज कुमार पांडेय ने कहा कि शाहिद प्रफुल चन्द्र चाकी का अमर बलिदान भारतवर्ष कभी नहीं भूल सकता! बाल्यकाल में ही पिता के गुजर जाने के बाद बहुत ही कठिनाई से उनकी माता ने उनका पालन किया था! बंगाल विभाजन के विरोध में उन्होंने छात्र आंदोलन में भाग लिया था! विद्यार्थी जीवन में ही अंग्रेजों की गुलामी उनके हृदय में कांटे की तरह चुभने लगी थी! वे भारत माता को अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराना चाहते थे! उनकी देशभक्ति की भावना को उनके द्वारा विवेकानंद साहित्य के अध्ययन ने और मजबूत किया! विवेकानंद साहित्य का अध्ययन करने के बाद वे आजादी की यज्ञ में कूद पड़े!क्रूर और आतातायी अंग्रेज अधिकारी किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास के बाद अंग्रजों ने बिहार के मोकामा स्टेशन पर उन्हें घेर लिया,  बचने का कोई रास्ता नहीं मिलने के कारण 1 मई 1908 को उन्होंने स्वयं को गोली मार ली! और इस तरह से एक युवा और दृढ़निश्चयी क्रांतिकारी ने आजादी की लड़ाई में स्वयं का बलिदान दिया! आज जब देश आतंकवाद और नक्सलवाद से जूझ रहा है , ऐसे समय में एक बार पुनः देश के युवाओं को अपने महान क्रांतिकारियों की तरह त्याग और बलिदान के द्वारा इस संकट से अपने देश को निकालने की जरूरत है! कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने प्रफुल्ल चन्द्र चाकी को यादकर देशसेवा का संकल्प लिया!

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