शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ अनुशासन भी है जरूरी

दाउदनगर,29 अप्रैल

    हमारे लिए जितना महत्व शिक्षा का है,उतना हीं महत्व हमारे जीवन में स्वास्थ्य का भी है ,परन्तु इससे भी ज्यादा महत्व अनुशासन का है।

       आजकल के स्कुली बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का काफी अभाव देखा जा रहा है साथ ही साथ उनमें स्वच्छता व अनुशासन की काफी कमी देखी जा रही है । यही कारण है कि बच्चों में पहले की अपेझा अघिक बिमारियाँ हो रही है।

      उपरोक्त बातें पाथ के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने  स्थानीय सिनेमा हाँल स्थित राजकीय मघ्य विधालय में पाथ द्वारा आयोजित सामुदायिक बैठक में स्कुली बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करते हुये कही ।

          बैठक में श्रीसिन्हा ने कहा कि हमें खुले में जहाँ तहाँ शौच नहीं करना चाहिए व जहाँ तहाँ गंदगी नहीं करना चाहिए वरना हमलोग गंदगी में जन्म लेने वाले मच्छर से होनेवाली लाईलाज व जानलेवा ए.ई.एस. बिमारियों मलेरिया,डेंगु,चिकनगचनिया व मस्तिष्क ज्वर का शिकार हो जायेगें । उपरोक्त बीमारी में सबसे ज्यादा लाईलाज व जानलेवा मस्तिष्क ज्वर है जो एक से पन्द्रह साल के आयुवर्ग के बच्चों में मादा क्युलेक्स नामक मच्छर के काटने से होती है ।

      श्रीसिन्हा ने बताया कि बिहार में मादा क्युलेक्स.नामक बीमारी का आगमन अप्रैल से दिसम्बर माह के बीच होता है ।

       बैठक में प्रधानाघ्यापक विन्ध्याचल चौघरी,शिक्षक उपेन्द्र कुमार,कमलेश कुमार सिंह व शिक्षिका सुमित्रा कुमारी सहित दर्जनों स्कुली बच्चे उपस्थित थे ।

          

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