अदृश्य तौर पर प्रभाव होता है होमियोपैथ औषधि का


दाउदनगर   दस अप्रैल सोमवार को होमियोपैथ के जनक एवं महान वैज्ञानिक डा0 हैनीमैन का जयंती मनाया जा रहा है। उनका जन्म दस अप्रैल 1755 ई0 को जर्मनी के माइसेन गांव में हुआ था। उनका कहना था कि हमे रोग के नाम से कोई वास्ता नहीं है। रोग का नाम कुछ भी हो, अगर किसी भी नाम के रोग में वे लक्ष्ण पाये गये जो औषधि ने स्वस्थ्य व्यक्ति में उत्पन किया है वह औषधि उन लक्षणों को दूर कर देगी। जब लक्षण दूर हो जाएंगे तब रोग अपने आप नहीं रहेगा। उक्त बातें वरिष्ठ होमियोपैथ चिकित्सक एवं लाईफलाइन क्लिनिक के संचालक डा0 मनोज कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि होमियौपैथ औषधि का सूक्ष्म मात्राओं का मनुष्य पर अदृश्य तौर पर प्रभाव होता है। माॅडर्न होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति रिवोल्यूशनाइड थिरेपी पर आधारित है। डा0 एमएन सहबल को माॅडर्न होमियोपैथी का जनक भी कहा जाता है।

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