माँ विषम परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुये अपने संतानों की रक्षा करती है।

 माँ शब्द से बोध होता है उस स्नेह का जिसमें शांति, शालीनता आदि की सीख प्राप्त होती है। जिनके गोद में पलकर हम संस्कारों से परिपूर्ण होते हैं। उक्त बातें जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार राज्य पिछडा आयोग की पूर्व सदस्य कंचन गुप्ता ने संस्कार विद्या, विद्या निकेतन, किड्ज वर्ल्ड द्वारा आयोजित मातृ सम्मेलन सृजन 2017 में कही। उन्होंने कहा कि माँ विषम परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुये अपने संतानों की रक्षा करती है। उन्होंने भु्रण हत्या पर रोक लगाने हेतू जागरूक होने की अपील करते हुये कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहराकर अपने माता-पिता का नाम रौशन कर रही हैं। बेटियों को शिक्षा व सुरक्षा की जरूरत है। उन्हें धरती पर आने दें। चिंता का विषय है कि समाज में बेटियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। बेटियों को बचाने का संकल्प लें। सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है। साईकिल चलाती लडकियां बिहार के विकास की कहानी कहती हैं। महिलाओं में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। नारी सशक्तीकरण का मतलब है कि नारी को समाज में उनका वास्तविक अधिकार मिल सके। माँ सावित्रा बा फुले को नमन करते हुये उन्होंने कहा कि उन्होंने नारियों के सम्मान, अभिमान व स्वभिमान के लिए जो किया वह प्रेरणादायी है।


 धर्मवीर फिल्म एण्ड टी0वी0 प्रोडक्शन की एमडी डॉली ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में माँ की भूमिका पर प्र्रकाश डाला। हसपुरा की पूर्व मुखिया एवं पंसस किरण यादवेंदु, आरा की सीडीपीओ सीमा ने विद्यालय में बीताये गये पलों को याद किया। गोह के विधायक मनोज शर्मा ने माँ की ममता पर प्रकाश डाला। राज्य अतिपिछडा आयोग के पूर्व सदस्य एवं जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि माँ प्रथम पाठशाला होती है। माँ से मिले संस्कार के अनुसार ही बच्चे ढलते हैं। टेक्नोलॉजी की दुनिया में बच्चों ने परिश्रम करना छोड दिया है। यह अत्यंत ही चिंतनीय है। भगवान प्रसाद शिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज के सचिव डा0 प्रकाश चंद्रा ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ रही हैं। पुरूषवादी सोच बदल रही है। इस मौके पर डा0 सी0बी0 सिंह, आलोक रंजन के अलावे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी डा0 मुकेश कुमार समेत अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। संस्था के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। सीईओ आनंद प्रकाश एवं डीप्टी सीईओ विद्यासागर ने कार्यक्रम की देखरेख की। संचालन औरंगाबाद जिले के वरिष्ठ रंगकर्मी आफताब राणा ने किया। इस अवसर पर विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा बनाये गये डॉक्यूमेंट्री फिल्म 1 अप्रैल अल्कोहल फ्रीडम डे ऑफ बिहार का पोस्टर विमोचन करते हुये इसके कलाकारों वार्ड पार्षद बसंत कुमार, गुलाम रहबर, संजय तेजस्वी, मधुलिका, नेहा, अमन व हर्ष, मास्टर भोलू, संदीप सिंह, सुशील पुष्प, गोविंदा राज, कैमरामैन रणवीर समेत फिल्म प्रोडक्शन व प्रबुद्ध भारती के कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डा0 मनोज कुमार, मदन कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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