मंसूर आलम की ख़ास रिपोर्ट:-
एटीएम का मतलब ऑटोमैटिक टेलर मशीन होता है लेकिन आज की परिस्थिति में एटीएम का मतलब “आएगा तभी मिलेगा” और “ऑल टाइम मुसीबत” ये कहना है यहां की जनता का।
24 घंटे सर्विस देने के लिए लगाए गए शहर के अधिकांश एटीएम दिन में भी बंद रहते हैं। समझ में नही आता एटीएम लगाये क्यों गए हैं आखिर! इन दिनों मैट्रिक के एक्जाम भी चल रहे हैं जिसमे परीक्षार्थियों को अपने घर से दूर होने के कारण हर समय पैसे की जरूरत महसुस होती है और वे एटीएम कार्ड लेकर शहर के सारे एटीएम के चक्कर काटने में लगे हैं। पूछने पर गार्ड बोलते हैं की तकनीकि खराबी के कारण एटीएम बंद है। आज रविवार के दिन तो हद हो गई दाउदनगर शहर का एक भी एटीएम नही खुला हुआ है,कार्ड लेकर लोग उसका उपयोग नहीं कर पाते। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात यह है कि इस समस्या की ओर बैंक प्रबंधन भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दाउदनगर शहर के बीचों बीच स्थित भारतीय स्टेट बैंक का एटीएम तो न जाने कितने ही दिनों से बंद है। एटीएम क्यों बंद है, इस बारे में यहां तैनात गार्ड भी संतोषजनक जबाव नहीं दे पाया। इसी तरह शहर की हनुमान मंदिर के बगल में स्थित एक्सिस बैंक का एटीएम भी बंद रहा। यहां पर तो कोई गार्ड भी मौजूद नहीं था, जो कि इसके बंद होने का कारण बता सके।
दाउदनगर का बाजार व्यावसायिक दृष्टि से काफी बड़ा है फिर भी यहाँ मूल सुविधाओं की कमी है। एटीएम बंद होने के कारण दूर-दराज से बाजार करने आये लोगो को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सही बात है,कितनी परेशानी हमको झेलनी पड़ी,ये हम ही जानते है।गौर करने वाली बात,,,,पहले नोटबंदी के कारण परेशानी,उसके बाद लाईन लगने की परेशानी,फिर लिमिट की परेशानी,और जब भी पैसे की जरूरत महसूस हो तो ,,,,,atm बंद मिलने की परेशानी,हाय रे मेरा पैसा ,
सही बात है,कितनी परेशानी हमको झेलनी पड़ी,ये हम ही जानते है।गौर करने वाली बात,,,,पहले नोटबंदी के कारण परेशानी,उसके बाद लाईन लगने की परेशानी,फिर लिमिट की परेशानी,और जब भी पैसे की जरूरत महसूस हो तो ,,,,,atm बंद मिलने की परेशानी,हाय रे मेरा पैसा ,