जनता की आवाज : स्वयं निष्कर्ष निकालें लोक शिकायत निवारण अधिनियम का व्यावहारिक सच्चाई

शिक्षक रजनीश कुमार

माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपकी प्रशासनिक क्षमता और लोक-कल्याणकारी कार्यक्रम वाकई प्रशंसनीय हैं और पूर्ववर्त्ती सरकारों से अलग आपने बिहार के विकास हेतु बहुत कुछ किया है, पर जनाकांक्षा को तृप्त कर पाना शायद कभी संभव न हो। मैंने आपके भाषणों से प्रेरित होकर लोक शिकायत निवारण कानून से अपने आस-पास के कुछ समस्याओं  के निवारण हेतु इस कानून का सहारा लिया, पर दुर्भाग्य से निर्णय तो आते हैं पर उनका कार्यान्वयन बिल्कुल नहीं होता। एक में तो अनुमंडल शिकायत निवारण पदाधिकारी, दाऊदनगर ने जिलाधिकारी औरंगाबाद को प्रेषित अपने पत्र में अंचल-अधिकारी दाऊदनगर पर स्पष्ट रूप से यह टिप्पणी की है कि उन्हें शिकायत निवारण कानून में कोई अभिरुचि नहीं है और वे शास्ति (Penalty) के योग्य हैं।
1. मैंने लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपने गाँव में स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय अरई, प्रखंड- दाऊदनगर, जिला- औरंगाबाद को अतिक्रमण मुक्त कर उसकी चहारदीवारी कराने हेतु परिवाद दर्ज कराई थी, जिसकी अनन्य संख्या- 999957921101600127 है. अनुमंडल शिकायत निवारण पदाधिकारी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अंचल-अधिकारी, दाउदनगर ने शिकायत निवारण में रूचि नहीं दिखाई जिसपर अनुमंडल शिकायत निवारण अधिकारी महोदय के आदेश का विवरण:
“परिवादी श्री रजनीश कुमार, ग्राम – अरई, पोस्ट- अरई, थाना- दाउदनगर, प्रखंड- दाउदनगर के द्वारा परिवाद दायर किया गया जिसका अनन्य संख्या 999957921101600127 है। परिवाद राजकीय उच्च विद्यालय, अरई को अतिक्रमण मुक्त कर उसकी चहारदीवारी करने के संबंध में है। उक्त परिवाद की जाँच अंचल अधिकारी, दाउदनगर से कराया गया। उन्होंने अपने कार्यालय पत्रांक-1039, दिनांक-23.12.2016 द्वारा सरकारी अमीन एवं हल्का कर्मचारी को निदेश दिया है जिसमें उक्त विद्यालय की भूमि जो मौजा-अरई के खाता सं०-453, प्लॉट नं०-3997, 4322, खाता सं०-281, प्लॉट सं०-4319,4320 एवं खाता सं०-454, प्लॉट सं०-4323 कुल रकवा 05.00 एकड़ है, की मापी कर चिन्हित करना है। अंचल अमीन, दाउदनगर एवं हलका कर्मचारी ओम प्रकाश सिंह को उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर कागजातों के आलोक में तीन दिनों में मापी कर चिन्हित करने एवं प्रतिवेदन देने को कहा गया है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि अधोहस्ताक्षरी को भी दी गयी है। परन्तु लगभग एक माह गुजर जाने के बाद भी कृत कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन अंचल अधिकारी, दाउदनगर द्वारा अभी तक समर्पित नहीं किया गया। इस परिवाद के निष्पादन हेतु निर्धारित अंतिम तिथि-22.01.2016 है जो अवकाश तिथि है। अतः परिवाद के निष्पादन हेतु निर्धारित समय मात्र एक दिन बचा है और आज की सुनवाई में न तो अंचल अधिकारी स्वयं और न ही उनके कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अंचल अधिकारी, दाउदनगर को लोक शिकायत के निवारण में कोई अभिरूचि नहीं है एवं वे अपने कर्त्तव्य एवं दायित्व को निभाने में पूर्णतः विफल रहे हैं। इनका यह कृत्य बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 की धारा-8 (1) के तहत शास्ति के योग्य हैं। अतः परिवाद का निवारण किए बिना ही निष्पादित किया जाता है। आदेश की प्रति जिलाधिकारी, औरंगाबाद एवं अंचल अधिकारी, दाउदनगर को प्रेषित करें।”
2. स्थानीय कनीय, सहायक तथा कार्यपालक अभियंता से लगातार आग्रह के बावजूद औरंगाबाद जिलान्तर्गत हमारे गाँव अरई (प्रखंड- दाउदनगर) में वैध ग्राहकों की अत्यधिक संख्या के रहने पर भी उचित क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा साथ ही महादलित टोला देवी-बिगहा और उमेर बिगहा में पोल-तार इत्यादि के इंस्टालेशन का कार्य भी पूरा नहीं किया गया है। हमलोग बिजली बिल का भुगतान नियमित कर रहे हैं पर बिजली के नाम  पर अत्यंत कम  वोल्टेज  मिल रही। अंततः मैंने लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत इससे संबंधित शिकायत जिसकी अनन्य संख्या- 9999901180616001760 है, दर्ज कराया। लोक-शिकायत निवारण अधिकारी के द्वारा निर्णय में संबंधित अधिकारियों को शिकायत दूर करने को निर्देशित किया गया। Electrical Executive Engineer (Project), Aurangabad ने मेरे मोबाइल पर 2 नवंबर 2016 को ही 100-100 केवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगाने और देवी-बिगहा तथा उमेर-बिगहा में पोल-तार इंस्टालेशन का आश्वासन दिया पर अब तक कार्यान्वित नहीं किया गया।
3. अरई पंचायत अंतर्गत मुशेपुर-खैरा में पोखरा-उड़ाही कराने हेतु दर्ज मेरे शिकायत संख्या- 999957920101600124 पर जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी महोदय ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता (औरंगाबाद) को इसके निराकरण हेतु निर्देशित किया है, पर धरातलीय सच्चाई यह है कि अब तक कोई देखने भी नहीं आया है।
4. मैं अपने गाँव स्थित अहरा एवं पोखरा को अतिक्रमण-मुक्त कर उड़ाही कराने हेतु 2014 से ही सरकार-प्रदत्त तरीकों से प्रयासरत हूँ। जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी औरंगाबाद के यहाँ शिकायत भी दर्ज कराई जिसकी अनन्य संख्या- 99999011801601683 है। जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, औरंगाबाद ने शिकायत के निवारण हेतु अंचल-अधिकारी, दाऊदनगर तथा कार्यपालक अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, कार्य-प्रमंडल औरंगाबाद को निर्देशित किया है। पर सच्चाई यह है कि इसके निराकरण हेतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यह है शिकायत निवारण कानून से संबंधित तथ्य, अब श्रीमान इन तथ्यों से आप स्वयं निष्कर्ष निकाल लें कि व्यावहारिक सच्चाई क्या है?

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.