किशोर एवम किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए खान-पान अति आवश्यक

किशोरावस्था में किशोर व् किशोरी को अपने खानपान, स्वास्थय व् स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए नही तो वे लाइलाज, जनलेवा व् धातक विमारियों जैसे-एनीमिया, पोलियो, डायरिया, जोंडिस, हेपेटाइटिस बी, मलेरिया डेंगू, मस्तिस्क ज्वर, चिकनगुनिया का शिकार हो जाते हैं एवम् हमारे प्रदेश में प्रतिवर्ष हजारो बच्चे मर जाते हैं।

उपरोक्त बातें आन्तर्रासट्रीय गैर संगठन PATH के प्रखंड मॉनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने स्थानीय बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित सामुदायिक बैठक में छात्राओं को संबोधित करते हुए कही।

श्री सिंहा ने बताया की खुले में या जहाँ तहँ। शौच एवम् गन्दगी नहीं करनी चाहिए, इससे ग्राम,शहर ,समाज एवम् परिवार की बदनामी होती है और उसकी बनी बनाई साख गिरती है । अतः घर में बने हुए शौचालय में ही शौच करनी चाहिये अपने अपने घरों एवम् घर व् आसपास बने नली नालियों की साफ सफाई करनी चाहिए । रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए । समय समय पर अपने हाथों को साबुन से साफ करना चाहिए जैसे- शौच से आने के बाद, किसी भी तरह की गन्दगी साफ करने के बाद, खाना खाने के बाद एवम् खाना बनाने,खाना निकालने व् खाना खाने के पहले । ऐसा करने से हम जीवन में 70 प्रतिशत से ज्यादा विमारियों से बचे रहेंगे।

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