डॉ अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस : 6 दिसंबर

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संतोष अमन की रिपोर्ट:
डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर युवा परिषद नगर इकाई के प्रखंड अध्यक्ष आकाश कुमार सोनी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ये विश्व स्तर के प्रमुख नेता थे। कई सामाजिक और वितीय बाधाएं पार कर, अंबेडकर उन कुछ पहले अछूतों मे से एक बन गये जिन्होने भारत में कॉलेज की शिक्षा प्राप्त की। अंबेडकर ने कानून की उपाधि प्राप्त करने के साथ ही विधि, अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान में अपने अध्ययन और अनुसंधान के कारण कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से कई डॉक्टरेट डिग्रियां भी अर्जित की। अंबेडकर वापस अपने देश एक प्रसिद्ध विद्वान के रूप में लौट आए और इसके बाद कुछ साल तक उन्होंने वकालत का अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने कुछ पत्रिकाओं का प्रकाशन किया, जिनके द्वारा उन्होंने भारतीय अस्पृश्यों के राजनैतिक अधिकारों और सामाजिक स्वतंत्रता की वकालत की। डॉ. आंबेडकर को विश्व बौद्ध संमेलन, नेपाल में बौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की है, हालांकि उन्होने खुद को कभी भी बोधिसत्व नहीं कहा, यही उनकी सबसे बडी महानता है।

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