अपनी अदाकारी से लोगों के मन मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ने वाले अखिलेंद्र मिश्रा ने फिल्मों तथा टीवी सीरियलों में कई ऐसी जीवंत भूमिकाएं अदा की। जिनकी याद मात्र से लोगों की सांसे थम जाती थी। 1990 के दशक में दूरदर्शन की काल्पनिक टेलीविजन ऋृंखला चंद्रकांता में उनके किरदार रोंगटे खड़े करने वाली थी। वहीं रावण तथा मिर्ची सेठ की भूमिका आज भी लोगों के जेहन में है। इतने नकारात्मक भूमिका निभाने वाले अखिलेंद्र मिश्रा ने सदा सकारात्मकता का संदेश दिया है।विद्या निकेतन ग्रुप्स ऑफ स्कूल्स एवं धर्मवीर फिल्म एंड टेलीविजन प्रोडक्शन के संयुक्त तत्वाधान में दाउदनगर के लीला चक नवरतन चक स्थित संस्कार विद्या परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव में विख्यात अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए ।कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव शायद ही भारत में कहीं होते हैं।बिहार में तो आज तक कभी हुआ ही नहीं ।यह पहला आयोजन है।शिक्षा के साथ-साथ कला संस्कृति भी बच्चों के लिए बहुत जरूरी है।दाउदनगर में अंतरराष्ट्रीय बाल फ़िल्म फेस्टिवल कराना शहर के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।इससे पहले फ़िल्म महोत्सव का उद्घाटन डीएम राहुल रंजन महिवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।उनके साथ डाक विभाग के अधीक्षक विनय प्रसाद एवं भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य सचिव श्रीनिवास कुमार तथा विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता मौजूद रहे।अपने संबोधन में डीएम ने कहा कि दाउदनगर जैसे शहर में अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन एक गौरवपूर्ण पल है।बाल फिल्मों से बच्चों को काफी फायदा होगा।बाल फिल्में सामाजिक मुद्दे पर बनायी जाती हैं। इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पर वे गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।बच्चों को बताना है कि बाल फिल्में कैसे बनती हैं और उसका उद्देश्य क्या है ।हिंदी अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं में बाल फिल्में दिखायी जाएगी। दाउदनगर एसडीओ तनय सुल्तानिया ने कहा कि फिल्में अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।आज सभी मुद्दों पर फिल्में बन रही हैं। फिल्में संदेश देती हैं।संस्था के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता अतिथियों का स्वागत किया।संस्था के सीईओ आनंद प्रकाश एवं फिल्म निर्देशक धर्मवीर भारती ने उद्घाटन सत्र का संचालन किया। कला प्रभा संगम के निर्देशन में छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। अरवल की कलाकार काव्या मिश्रा द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति की गयी।कला प्रभा संगम के गोविंदा राज ने बताया कि उनकी टीम पूरे एक महीने से इसकी तैयारी कर रही थी।