होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में मूल रूप मानसिक चिकित्सा


संस्कार विद्या नॉलेज सिटी के परिसर में एसएसआरएच, नयी दिल्ली की पटना शाखा द्वारा एक दिवसीय बैठक सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उर्द्घाटन संस्कार विद्या के सीईओ आनन्द प्रकाश एवं एसएसआरएच के सांगठनिक प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।यह कार्यशाला शहर के विख्यात होम्योपैथ चिकित्सक डॉ मनोज कुमार के सौजन्य से आयोजित किया गया ,जिसमें रिवोल्यूनाईज्ड पद्धति के तहत माइंड रुबिक्रस, आरगेनन ऑफ होम्योपैथी एवं रेपट्री पर विशेष रूप से चर्चा की गयी।संस्था के बिहार शाखा अध्यक्ष डॉ. एसएन मिश्रा,डा.पी आर राजवंशी, डॉ कामेश्वर प्रसाद, डॉ संजय कुमार, डॉ बीएल दास, डा. चंद्रकांत सिंह, डॉ संजय कुमार, डॉ शशि भूषण ,डा.विजय कुमार उपाध्याय, डॉ जय प्रकाश समेत अन्य वक्ताओं ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया।कहा गया कि इस चिकित्सा पद्धति को समाज के अंतिम वर्ग तक फैलाना है।आम जनता को इस चिकित्सा पद्धति के बारे में बताना है। वक्ताओं ने कहा कि आम जनता में इस चिकित्सा पद्धति के प्रति भ्रम फैलता जा रहा है, जिसे दूर करना है ।होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में मूल रूप से मानसिक चिकित्सा किया जाता है।पहले पेशेंट का मानसिक रूप से उपचार किया जाता है।इस मौके पर संस्कार विद्या के डिप्टी सीईओ विद्या सागर एवं मदन प्रसाद भी मौजूद रहे।

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