शिक्षकों को बनना होगा संस्कारी

विद्या निकेतन ग्रुप स्कूल्स परिसर में आयोजित ज्ञान यज्ञ में वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पुनीत पाठक ने कहा कि छात्र छात्राओं को इस उम्र में शिक्षक की बातें अच्छी नहीं लगती है, जबकि अपना लक्ष्य निर्धारण का यही सर्वोत्तम समय होता है। जिसमें कभी-कभी बच्चे छूट जाते हैं एवं सफलता से कोसों दूर चले जाते हैं।।संस्था के सीईओ आनंद प्रकाश ने एवं डिप्टी सीईओ विद्यासागर ने कथा वाचक पुनीत पाठक एवं प्रदीप कुमार का स्वागत किया ।बताया गया कि इस ज्ञान यज्ञ का मुख्य उद्देश्य पठन-पाठन के क्रम में छात्र-छात्राओं को होने वाली मानसिक समस्याओं एवं भविष्य की उड़ान तक न पहुंच पाने में उत्पन्न बाधाओं से मुक्ति प्राप्ति के उपाय बताना रहा ।कथावाचक श्री पाठक ने शिक्षकों से कहा कि आप वो प्रकाश हैं,जो प्रकाश दीपक रूपी छात्र-छात्राओं में भरते हैं और उन्हें सफलता का मार्ग दिखाते हैं। पहले आप शिक्षकों को संस्कारी एवं सहज बनना होगा तभी बाल मन ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।यह ज्ञान की धरती है जहां से उत्पन्न फसल रूपी छात्र-छात्रा कठिन प्रतिस्पर्धा एवं जीवन की ऊंची उड़ान पाते हैं।सीइओ आनंद प्रकाश ने कहा कि इस ज्ञान यज्ञ का आयोजन आधुनिकतम दौर में टीवी एवं मोबाइल की दुनिया में चंचल मन को एकाग्र व निश्चित करने के लिए आवश्यक है।पुनीत पाठक के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे महज आठ वर्ष की उम्र से ज्ञान की सरिता में लोगों को आध्यात्मिक से संस्कार को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

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