कर्ज़ में डूबा होना बना आत्महत्या का कारण, परिजनों का रोते रोते बुरा हाल


कर्ज के दबाव में आत्महत्या कर लेने का बात सामने आई है।कर्ज में न चुकता करना मदन कुमार के आत्महत्या का कारण बना। दाउदनगर शहर के पटवाटोली निवासी मदन कुमार की पटवाटोली रोड में अंकित इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अंकित ज्वेलर्स नामक एक दुकान भी है।मुहल्ले में पहुंचने के बाद आसपास के लोग शोकाकुल नजर आ रहे थे, लेकिन कोई भी कुछ खुल कर बोलने को तैयार नहीं था। कुछ लोगों ने दबी जुबान में बताया कि कर्ज में डूबे होने के कारण पिछले दो-तीन वर्षों से मदन काफी तनाव में थे।दाउदनगर में काफी बहुत कम रह रहे थे। वे डेहरी में रहते थे।मंगलवार की रात जब उनके द्वारा फांसी लगा कर आत्महत्या कर लिया जाने की जानकारी परिजनों एवं शुभचिंतकों को मिली तो वे लोग डेहरी के लिए रवाना हो गए। बुधवार को मृतक का दाह संस्कार दाउदनगर के सोन नदी का घाट पर किया गया ।

परिजनों को नही हो रहा विश्वास:
मुहल्लेवासियों ने बताया कि मृतक के माता- पिता भी जीवित है। मृतक चार भाई थे।सभी भाइयों में बंटवारा हो चुका है और मृतक को पटवाटोली रोड में हिस्सा मिला था ,जहां वह रह रहे थे ।उनकी पत्नी नीलम, दो पुत्री रानी और छोटी तथा एक पुत्र अंकित समेत सभी परिजनों का रोते रोते बुरा हाल है।कुछ लोंगो ने बताया कि पुत्री की शादी की चिंता उन्हें सताये हुई थे ।दूसरी तरफ कर्ज में डूब गए थे ,जिसके कारण वे तनाव में चल रहे थे। अचानक परिजनों को मंगलवार की रात जानकारी हुई कि मदन ने मंगलवार की रात डेहरी में किराये के मकान में आत्महत्या कर लिया है तो सहसा किसी को विश्वास नहीं हुआ ।सभी दौड़े-दौड़े डेहरी भागे।दाउदनगर के पटवा टोली स्थित पैतृक घर पर परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे.सभी का रो रोकर बुरा हाल था। ढाढ़स बंधाने पहुंचने वाले लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थी।वयोवृद्ध पिता कृष्णा प्रसाद, मां एवं अन्य परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था ।पड़ोसियों ने बताया कि वे काफी मृदुभाषी स्वभाव के थे ,लेकिन कर्ज में डूबे होने के कारण उन्होंने अपना जमीन तक बेच दिया था।कई व्यवसायों में अपना भाग्य उन्होंने आजमाया, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी।फलतः कर्ज में डूबते चले गए और भयंकर तनाव में रहने लगे। यही तनाव उनकी आत्महत्या का कारण बना।

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