अतिक्रमण की कैंची से कटता गया दाउदनगर का बजाजा रोड

Daudnagar Bazaza Road

विशेष रिपोर्ट:

कपडे की मनपसंद दुकानों से सजी इस सड़क में शायद ही कोई ऐसा दाउदनगरी हो जो कभी नहीं गया हो। लगन और पर्व के अवसर पर जिस प्रकार इस सड़क में भीड़ होती है उसे देख लोग खुद चकित रह जाते हैं। कपड़ों के अलावा यहाँ सजावट के सामान के साथ साथ जेवर, श्रृंगार और जूते चप्पल की दुकानें भी मौजूद हैं। कुल मिलाकर देखा जाये तो किसी भी शुभअवसर पर तक़रीबन आधी खरीदारी करने की जगह है दाउदनगर का बजाजा रोड। इस सड़क के माध्यम से दाउदनगर के सब्जी बाजार को भी जाया जाता है।

मेरे बचपन की आँखों ने जैसा इसे देखा अब वैसा नहीं, कई सारे बदलाव आ गए। घनी भीड़ वाली सड़क बन गई है, कई सारे नए दुकानों ने इस सड़क की आकर्षण को बढ़ा दिया है। पर एक अहम् बदलाव यह भी हुआ कि इन वर्षों में बजाज रोड अब सड़क नहीं बल्कि गली का रूप धारण कर लिया है। जहाँ आराम से लोग साइकिल, मोटर साइकिल लेकर सब्ज़ी बाजार तक में कहीं भी रुक कर खरीदारी कर लेते थे वहीँ आज पैदल चलना भी एक बोझ सा लगता है। समय बीतता गया और कपड़ों पर जो कैंचियां चली उसी धार ने संडक को भी काटते चली गई। नतीजा ये कि सड़क कटते कटते गली बन गई, शायद ओ दिन भी दूर नहीं जब इस रास्ते का नाम बजाजा रोड से बदल कर कपडा गली रख दिया जायेगा।

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