मवेशी अस्पताल बंद रहने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी

मवेशी अस्पताल संसाधनों एवं चिकित्सकों के अभाव का दंश झेल रहा है। दाउदनगर प्रखंड के करमा पंचायत का जिनोरिया स्थित पशु अस्पताल विगत कई वर्षो से बंद पड़ा हुआ है।यंहा पहले बीमार मवेशियों का इलाज होता था। किन्तु जिला पशुपालन विभाग की लापरवाही व उदासीनता के कारण यह अस्पताल आज अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है,ऐसा लगता है मानो मरघट बन गया हो।
पशु अस्पताल करीब एक वर्षों से बंद पड़ा है।यह अस्पताल करीब तीन वर्ष पहले से ही बंद पड़ा हुआ था ,जिसके बाद करमा पंचायत के मुखिया संजू कुमारी द्वारा जीर्णोद्धार करा कर उसे चालू कराया गया था।मुखिया प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पशु अस्पताल के बंद रहने की शिकायत उन्होंने बीडीओ से भी कई बार की है।लगातार करीब एक वर्ष से पशु चिकित्सक पशु अस्पताल नहीं जा रहे हैं। करीब 15 से 20 गांवों के ग्रामीण इसी पशु अस्पताल के भरोसे रहते हैं।महीने में करीब 25 से 30 पशु बीमार पड़ते हैं।पशु अस्पताल बंद रहने के कारण ग्रामीणों को प्राइवेट डॉक्टर का सहारा लेना पड़ता है या फिर दाउदनगर पशु चिकित्सालय जाना पड़ता है।उन्होंने पशु अस्पताल का संचालन सुचारु तरीके से कराने की मांग की है।

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