1992 से शुरू विशाल मेला अब छू रहा हैअपनी नई ऊंचाइयों को


दाउदनगर प्रखंड के एकौनी ग्राम स्थित उच्च विद्यालय के खेल मैदान में लगनेवाले दशहरा मेला की समाप्ति रावण का पुतला दहन के साथ शुक्रवार को हुई।आयोजकों ने बताया कि 1992 से शुरू होने वाला विशाल मेला अब अपनी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उस समय इंद्रदेव सिंह, परशुराम सिंह, अमरिंदर सिंह सहित ग्रामीणों के द्वारा छोटे स्तर पर शुरू किया गया मेला अब दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।इस अवसर पर 1995 से रावण के पुतले दहन का कार्यक्रम शुरू किया गया।उस समय तीन किलोमीटर की परिधि में कहीं मेला नहीं लगता था।आसपास के ग्रामीणों को मेला देखने का सौभाग्य नहीं मिल पाता था।ऐसी स्थिति में इस मेले की लोकप्रियता अनवरत बढ़ती चली गई। इस वर्ष के पूजा में अध्यक्ष परशुराम सिंह, सचिव नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, शशि, जयराम, संतोष पांडेय, रंजन कुमार, संजय सिंह सहित सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका देखी गई।सचिव नरेंद्र सिंह ने कहा कि एकौनी गांव के कमेटी हॉल में नौ दिनों तक मां दुर्गा प्रतिमा की पूजा होती है।इस अवसर पर तीन दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।दशमी के दिन उच्च विद्यालय के मैदान में प्रतिमा लाई जाती है, मेला लगता है,दुकानें सजती है।रावण दहन के साथ मेले की समाप्ति हो जाती है।इस मेला में एकौनी सहित रेपुरा,नवरतन चक ,सिंदुआर, मखरा सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग पहुंचते हैं।रेपुरा निवासी शिक्षक अम्बुज कुमार सिंह ने बताया कि यह मेला इस क्षेत्र की विशेषता एवं संस्कृति का हिस्सा बन चुका है।शान्ति स्थापना में सभी का योगदान होता है।बच्चे एवं महिलाएं काफी तैयारी करती है
शिक्षक रामाकांत सिंह, श्रीनिवास मंडल, सूर्येन्द्र भारतीय,आशिष कुमार लंबी अवधि से मेला देख रहे हैं।सभी ने इसे धरोहर बताया है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.