पहचानो.कॉम की मुहिम का पहला पड़ाव- महेंद्र कुमार हुए सम्मानित

हाल ही में संगठित हुई संस्था पहचानों.कॉम ने अपने मुहिम के अनुसार काम करना शुरू कर दिया है। दाउदनगर के कुछ बुद्धीज़ीयों द्वारा संगठित इस संस्था का ख़ास मक़सद दाउदनगर की मिट्टी से जुड़े उन ख़ास लोगों को एक पहचान दिलाना है जो यहाँ से दूर जाकर अपने शहर का नाम रौशन कर रहे हैं। इसी कड़ी में दाउदनगर के महेंद्र कुमार को सम्मान समारोह का आयोजन कर सम्मानित करना सकारात्मक प्रयास है। दाउदनगर के कचहरी मोड़ के पास स्थित शिक्षा मंथन में आज दिनांक 17 अक्टूबर को समारोह का आयोजन कर महेंद्र कुमार को सम्मानित किया गया।
दाउदनगर से जुड़े इस शख़्शियत के बारे में आपको जानकर गर्व महसूस होगा। अब तक हमसब के बीच गुमनामी को लेकर अपने शहर से हज़ारों किलोमीटर दूर शिक्षा और साहित्य में अपने शहर का नाम रौशन किए जा रहे हैं अपने दाउदनगर के महेंद्र कुमार। पहचानों.कॉम की पहल से इन्हें पहचान्ने का मौक़ा मिला तो जानते हैं कि आख़िर कौन हैं महेंद्र कुमार?
दाउदनगर निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण भगत के सुपुत्र जिनका जन्म 2 जनवरी 1963 को हुआ। अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पुराना शहर के माली टोला मुहल्ला में 9 वर्ष की उम्र तक अपने घर पे पूरी की। तत्पश्चात् दाउदनगर के अशोक उच्च विद्यालय से माध्यमिक तथा दाउदनगर महाविद्यालय से उच्च माध्यमिक की पढ़ाई पूरी की। उच्चतर शिक्षा के लिए उन्होंने भागलपुर विश्वविद्यालय का रूख किया जहाँ से उन्होंने स्नातक एवं स्नाकोत्तर शिक्षा पूरी की। शिक्षा पूरी करने के बाद उनका चयन तमिलनाडु के चेन्नई शहर के केंद्रीय विद्यालय में एल शिक्षक के रूप में हुआ जहाँ पर ओ सन 1995 से लेकर अबतक सेवा देते आ रहे हैं।
शिक्षक होने के साथ साथ हिंदी भाषा से बेहद प्यार करते हैं और उन्होंने साहित्य की दुनिया में बेहद रुचि रखते हैं। जिसका नतीजा उन्होंने एक काब्य संग्रह लिखा। 10 जनवरी 2012 में उन्होंने अपना काब्य संग्रह “हर वृक्ष महाबोधि नहीं होता” का विमोचन तमिलनाडु के तत्कालीन महामहिम राज्यपाल  डॉक्टर के॰ रोसाईया द्वारा किया गया। इस काब्य संग्रह के लिए वर्ष 2015 में गोवा के राज्यपाल महामहिम मृदुला सिन्हा द्वारा तमिलनाडु हिंदी साहित्य अकादमी के तत्वावधान में पुरुस्कृत किया गया। इसके अलावा श्री कुमार चेन्नई आकाशवाणी से कहानी एवं कविता का प्रसारण करते आ रहे हैं। राँची आकाशवाणी से भी उनकी कविता का प्रसारण हुआ है। राष्ट्रीय स्तर के कई कवि सम्मेलनों में शिरकत कर चुके हैं और इन्हें राज्य स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है। स्वामी विवेकानन्द, महात्मा गांधी एवं कलाम साहब को अपना आदर्श मानने वाले श्री कुमार विभिन्य समय पर नाटक मंचन व नाटक भी लिखते रहे हैं। कविता और कहानी को लेकर अब भी काम जारी रखे हुए हैं।
इस मौके पर वार्ड पार्षद बसंत कुमार, वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र कश्यप एवं सत्येंद्र कुमार, पहचानों.कॉम के श्याम कुमार( शम्भु), रंगकर्मी संजय तेजस्वी, भोलू मास्टर, शिक्षक अनुज कुमार पांडेय, रामेश्वर प्रसाद, ब्रजेश पाठक, एस अमन आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.