
आम बजट में लोगों का ख्याल नहीं रखा गया-अंकुर राज
जैसा कि नाम है आम बजट यानी कि आम लोगों को ध्यान में रखा जाना चाहिए था लेकिन बजट 2018 में आम लोगों का कोई भी ध्यान नहीं दिया गया इस बजट में आम जनता को बहुत उम्मीद थी सरकार से लेकिन सारी उम्मीद पर पानी फिर गया क्योंकि आम बजट में लोगों का ख्याल नहीं रखा गया युवा वर्ग के लिए रोजगार की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई जीएसटी कि दबी हुई बोझ इनकम टैक्स में कुछ रिलैक्स मिलने की उम्मीद व्यापारी वर्ग में था लेकिन सरकार ने इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया मिला जुला कर कहा जाए तो मध्यम वर्ग के लोगों को इस वजह से कोई भी फायदा होते हुए नजर नहीं आ रहा
बजट मे ब्यवसायी एवं मध्य वर्गो को नही रखा गया ख्याल -आकाश कुमार
अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान के औरंगाबाद जिला युवा अध्यक्ष आकाश कुमार आम बजट 2018 19 को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के द्वारा पेश किए गए बजट पर कहा कि बजट में व्यवसाई एवं मध्यवर्गीय लोगों का ख्याल नहीं रखा गया जबकि बजट में युवाओं नौजवानों एवं बेरोजगारी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है | यह बेहद निराशाजनक बजट है सरकार की ओर से सांसदों की जगह मध्य वर्ग के लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी केंद्र सरकार ने किसानों और समाज के पिछड़े लोगों के लिए सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें ही की है।
आम बजट 2018-19 किसान उधोग और कार्पोरेट पर ही केंद्रित-विकाश कुमार
आम बजट 2018-19 में किसानों पे विशेष् ध्यान दिया गया ह। 2022 तक किसानों की आय दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया ह। किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए विशेष् धयान दी गयी ह,
किसानो को m s p का पूरा लाभ दिलाने में सरकार प्रयासरत ह।
रेल दुर्घटना सरकार के लिए बेहद चिंता की विषय थी उसे भी गम्भीरता से लिया गया ह। । युवा वर्ग के लिए स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम का जिक्र किया गया , 2020 तक 50 लाख युवाओं को स्कोलरशिप देने का जिक्र किया गया ह।
इस बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार की तरफ से लोगो को बेहतर इलाज कराने के लिए 30 हजार की जगह 5 लाख की सरकारी मदद देने की घोषणा की गयी ह।
युवाओं के लिए भी इस बार मोदी सरकार मेहरबान देखि 70 लाख नई नौकरी देने की बात कहि गयी।
कुल मिलाकर ये बजट किसान उधोग और कार्पोरेट पर ही केंद्रित था।