बड़े नोट के चक्कर में फंसे प्रोफेसर, कॉलेज में छात्र कर रहे उनका इंतज़ार

दाउदनगर से संतोष अमन की रिपोर्ट:

आज दाउदनगर कॉलेज में अराजकता का मौहोल बना हुआ है पांच सौ और हजार के नोट भंजाने के चक्कर में कॉलेज के अधिक कार्यकर्मी नही आय हैं जबकि मगध यूनिवर्सिटी के द्वारा आज से ही B. sc पार्ट one के सभी बिषय के प्रयोगिक परीक्षा होने की घोषणा की गई थी। उसी कारण परीक्षा देने के लिये कॉलेज में सैकड़ों छात्र छात्रा उपस्तिथ हुये परंतु कॉलेज प्रशासन के द्वारा कोई भी कदम परीक्षा को लेकर नही उठाया गया। जब इसके बारे में कॉलेज अध्यक्ष आर्य अमर केशरी ने प्राचार्य से फोन पर बात की तो बताया गया कि अभी बैंक में हैं बाद में बात करते है और फोन कट कर दिया गया पुनः फोन लगाने पर उन्होंने कहा की हम सब बैठक कर के कल डेट निकालेंगे कि कब से प्रयोगिक परीक्षा ली जायेगी।

11 बजे तक एक भी क्लास रूम नही खुले हैं सभी छात्र छात्राएं कॉलेज कैम्पस के बहार इंतेजार कर रहे हैं परंतु परीक्षा के बारे में कोई जानकारी नही दे रहा कॉलेज में आरजकता का मौहोल है कोई भी शिक्षक अपने ऊपर जिम्मेवारी को नही समझता है जिसके कारण आज छात्र छात्रा को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है मगध यूनिवर्सिटी के अंगीभूत एक मात्र दाउदनगर में कॉलेज है दाउदनगर कॉलेज जिसमे दाउदनगर के आस पास से करीब 10 किलोमीटर तक से पढ़ने आते हैं और उतने दूर से छात्र छात्राएं को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है अभी तक कॉलेज प्रशासन के द्वारा कोई कदम नही उठाया गया है कॉलेज अध्यक्ष आर्य अमर केशरी ने कहा कि अगर जल्द से जल्द कॉलेज प्रशासन  इस पर कदम नही उठाती है तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसद आंदोलन को विवश होगी कॉलेज व्यवस्था के खिलाप पोल खोलेगी दिन पर दिन कॉलेज की स्तिथि ख़राब होते जा रही है आज कॉलेज प्रशासन के लापरवाही का ही नतीजा है कि यह कॉलेज सिर्फ एक डिग्री की दुकान बंद कर दी गई है घर बैठे रहिये और समय पूरा होने पर डिग्री मिल जायेगा कभी भी किसी भी विषय का वर्ग संचालन नही होता है जिस कारण अशिक्षा का मौहोल बना रहा है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जब कॉलेज में पढ़ाई नहो होती है तो शिक्षा दर कैसे बढ़ेगी सिर्फ और सिर्फ शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है और कागज पर ही बिहार सरकार के द्वारा दर्शाया जाता है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधर रही है ।

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