धूम धाम से मना बाल दिवस

बाल दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन VCSRM मौलाबाग दाऊदनगर एवं कुशल युवा केन्द्र में किया गया।
कार्यक्रम का उदघाटन करते हुये संस्थान के निर्देशक रौशन कुमार सिन्हा ने कहा कि बच्चों को किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव की ईंट माना जाता है। बच्चे छोटे होते हैं किन्तु राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं। वे आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक हैं क्योंकि देश का विकास उन्हीं के हाथों में है। बाल दिवस उत्सव उन अधिकारों की भी याद दिलाता है, जो बच्चों के लिए बनाये गए हैं और उनसे बच्चे लाभान्वित हो भी रहे हैं, या नहीं। बच्चे कल के नेता हैं इसलिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों से आदर, विशेष देख-रेख और सुरक्षा की आवश्यकता है। हमारे राष्ट्र में बहुत तरीकों से परिवार के सदस्यों, संबंधियों, पड़ौसियों या अन्य अजनबियों के द्वारा उनका शोषण किया जाता है। बाल दिवस का उत्सव परिवार, समाज और देश में बच्चों के महत्व को याद दिलाता है।उन्होंने बताया कि बचपन जीवन का सबसे अच्छा समय होता है ये हमेशा खुशियों और स्वास्थय से भरा होना चाहिए जिससे वो हमेशा अपने देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें और देश का नाम हमेशा ऊंचा करें और इसे एक विकसित देश बनाएं।

देश के हर नागरिक को अपने कर्तव्यों को समझते हुए राष्ट्र के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए हर क्षेत्र में अग्रसर रखना होगा।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुये संस्था के सहनिर्देशक आलोक कुमार टण्डन के कहा कि 14 नवम्बर महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री (पं. जवाहर लाल नेहरु) का जन्म दिवस है हालांकि, बच्चों के प्रति उनके लगाव और स्नेह की वजह से इस दिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। वे एक राजनीति नेता थे फिर भी, उन्होंने बच्चों के साथ बहुत ही कीमती वक्त बिताया और उनकी मासूमियत से वो बहुत प्यार करते थे। बाल दिवस का उत्सव मस्ती और उल्लास की बहुत सारी गतिविधियाँ लाता है। इस दिन का उत्सव बच्चों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की याद दिलाता है, जिसमें बच्चों का कल्याण, उचित स्वास्थ्य, देखभाल, शिक्षा, आदि शामिल है। बच्चों को चाचा नेहरु के आदर्शों और बहुत सारा प्यार और स्नेह दिया जाता है। यह बच्चों के गुणों की प्रशंसा करने का अवसर है।
कार्यक्रम के संचालन कर रहे संस्था जुड़े शिक्षक सतीश पाठक ने कहा कि बच्चे गीले मिट्टी के भाती होते है इन्हें हम जिस ढाचे में डाले गे वे वैसे बनेगे।आज देश मे बाल मजदूरी देखने को मिलती है जो बहुत ही चिंतनीय है।


इस बीच संस्था के बच्चों के बीच एक क्यूज प्रोयोगिता किया गया जिसमें विजयी बच्चो को पुरष्कृत किया गया।इस अवशर पर संस्था के सदस्य रागनी कुमारी,रौशन कुमार,धीरज कुमार,सोनू खान,रवि कुमार और वंदना कुमारी शामिल रहे

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.