Daudnagar: Gyan Ganga Inter School

ज्ञान गंगा इंटर स्कूल की स्थापना हज़ारों छात्रों के प्रेरक रहे श्री नंदकिशोर सिंह के द्वारा 26 जनवरी 1999 को की गई। वर्ष 1999 से लेकर वर्ष 2003 तक ये ज्ञान गंगा हाई स्कूल के नाम से प्रसिद्ध था। वे इस संस्था के संस्थापक के साथ साथ निदेशक भी हैं। वर्ष 1992 में उन्होंने ज्ञान गंगा कोचिंग सेंटर की स्थापना कर छात्रों को निरंतर गुणवक्ता से भरी शिक्षा उपलब्ध कराने में जी तोड़ मेहनत की। शिक्षा के प्रति लगन और छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ओ हमेशा प्रतिबद्ध रहते हुए अनुभवी तथा गुणी शिक्षकों की टीम तैयार करते रहे। उनके इस अथक प्रयास का फल ज्ञान गंगा इंटर स्कूल के रूप में दाउदनगर वासी देख पा रहे हैं।

इस विद्यालय ने अपनी एक पहचान बनाई है जिसने दाउदनगर को कई सारे टॉपर्स दिए हैं और शहर का नाम राष्ट्रीय पटल पर चिन्हित कराया है। सामाजिक, राजनितिक, प्रशाशनिक, इंजीनियरिंग या फिर मैनेजमेंट का क्षेत्र हो हर क्षेत्र में इस स्कूल के विद्यार्थियों ने सफलता हासिल अर्जित करके अपना और अपने शहर का नाम रौशन कराया है। प्रतेयक वर्ष इस स्कूल के छात्रों ने मैट्रिक की परीक्षा में बिहार में टॉप 10 में जगह बनाकर यहाँ के बाक़ी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते आ रहे हैं।

स्कूल की अपनी बिल्डिंग होने के साथ साथ लड़कों तथा लड़कियों के लिए अलग अलग आवास की ब्यवस्था है। वर्त्तमान समय में 2200 के करीब छात्र-छात्रायें इस विद्यालय में पढ़ रहे हैं जिनकी शिक्षा की गुणवक्ता को सुनिश्चित करने के लिए 52 शिक्षक कमान संभाले हुए हैं। संस्था के निदेशक श्री नंदकिशोर सिंह तथा प्राचार्य श्री उमा प्रसाद के नेतृत्व में शिक्षकों तथा छात्रों का परफॉरमेंस बेहतरी की तरफ अग्रसर है।

यह विद्यालय हमेशा से मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली को सहज और समय के हिसाब से उपयुक्त बनाने की कोशिश करते आ रही है। यही कोशिश इस विद्यालय को बाक़ी सब से अलग बनाता है। शहर में पहली बार स्मार्ट क्लास के कांसेप्ट को इंट्रोड्यूस करने का सौभाग्य भी इस विद्यालय को प्राप्त है। यह एक ऐसी पहल है जो कि धीरे धीरे इ-लर्निंग के मॉडल को अपनाने में शिक्षकों तथा छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करेगी।