Dharmveer Bharti- धर्मवीर भारती

कला और संस्कृति को जिन्होंने ने अपना धर्म समझा, अटल होकर वीरता के साथ अपने पथ पर सदैव अग्रसर रहते हुए चुनौती भरा क्षेत्र चुन कर सैंकड़ो युवा कलाकारों के दिल में हिम्मत और जोश भरने का काम किया। ऐसे जज़्बे से भरे शख्शियत को दाउदनगर की जनता सलाम करती है।

सही और गलत में से सही को चुनना थोड़ा आसान होता है मगर दो सही चीजों में बेहतर चुनना अत्यंत मुश्किल कार्य होता है। मगर इस मुश्किल कार्य को उनहोंने इतनी सरलता पूर्वक अंजाम दिया के लोग उनके दीवाने हो बैठे। दाउदनगर से उनका लगाव महज नानी घर का दाउदनगर में होना था मगर उनका दाउदनगर के प्रति दिया गया योगदान उन्हें दाउदनगर का बेटा बना दिया।

27 नवम्बर 1986 को गया में जन्म लेने के बाद शुरुवाती पढाई के लिए अपने पिता जी के साथ मदनपुर चले गए क्योंकि उनके पिता बिहार सरकार के सिंचाई विभाग में  मदनपुर में पोस्टेड थे। कला के क्षेत्र से उनका लगाव इतना गहरा था कि उन्होंने  बचपन से ही थिएटर शो करना शुरू कर दिया था। तक़रीबन 15 वर्षों तक थिएटर कलाकार बनकर अपनी कला का प्रदर्शन करते रहे। पढाई को जारी रखने के लिये सचिदानंद सिन्हा कॉलेज औरंगाबाद में नामांकन कर उच्चस्तरीय पढाई के लिए आधार बनाने में लग गए।

असली पढाई तो तब शुरू होती है जब कॉलेज से निकल कर मास कम्युनिकेशन की दुनिया में क़दम रखने ओ हरिद्वार जाते हैं। देव संस्कृति विश्विद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया।

अपनी कला को और निखारने के लिये अब करते हैं नॉएडा का रुख और वहां बॉलीवुड के फ़िल्म निर्माता बोनी कपूर द्वारा संचालित संस्था “एशियन अकेडमी ऑफ़ फ़िल्म एंड टेलीविज़न” में निर्देशन के हुनर को सीख कर नए आयाम को पाने में सफलता हासिल की. आप अपने बैच के टॉपर रहें।इसी दौरान उन्होंने टी वी सीरियाल “मौलाना आज़ाद” के लिये महात्मा गांधी की भूमिका निभाई। इस सीरियल में मशहूर कलाकार आमीर बशीर मौलाना आज़ाद की भूमिका निभा रहे हैं। यह सीरियल जल्द ही टी वी पे दिखाया जायेगा।

संस्था में उन्हें गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया गया। स्वभाव से काफी सुलझे हुए इंसान, जिनकी अनुशासन और लगन ने उन्हें अपने शिक्षकों के लाडला बना दिया। प्रसिद्ध कलाकारों जैसे बिहार के आधुनिक थियेटर के भीष्मपितामह कहे जाने वाले सतीश आनंद, फ़िल्म एक्टर आदिल राणा और फ़िल्म एक्ट्रेस जयश्री अरोरा से उन्हें कला और निर्देशन सिखने का मौका प्राप्त हुआ।

चुकी कला और निर्देशन एक ब्यवसायिक शिक्षा है जिसमे प्रायोगिक अनुभव कलाकारों के हुनर को निखारता है। इसी सिद्धान्त पर प्रशिक्षण के दौरान वे विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे। दिल्ली नाट्य अकेडमी के कई प्रोजेक्ट में एक्टिंग एवं निर्देशन किया।

कॉलेज लाइफ और मास कम्युनिकेशन की पढाई के मध्य में उन्होंने ने अपने पिता को खो दिया। फिर भी उनकी माँ ने हौंसला नहीं खोया और अपने लाल को उसका सपना पूरा करने के लिए दिल्ली भेज दिया। सपनो की दुनिया को हासिल करने के लिये उस युवा ने भी पूरी लगन के साथ अभिनय के कला को सीखा।अभिनय और निर्देशन के साथ साथ उन्होंने लेखनी में भी दक्ष्यता हासिल कर तक़रीबन 50 नाट्य लीपि को पूरा किया। उन्ही में से दो नाटकों “अर्थी सजा लो” तथा “अंजामे गुलिस्ताँ क्या होगा” के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सबसे प्रसिद्ध नाटक जो पूरे देश में विजय का डंका बजाया ओ रहा “अंजामे गुलिस्ताँ क्या होगा”
कुछ उपलब्धियाँ:

-वर्ष 2002 में स्काउटिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अबुल कलाम के हाथों सम्मानित हुए।

– वर्ष 2014 में महशूर फ़िल्म निर्देशक सुभाष घई के द्वारा बेस्ट डायरेक्शन के लिए सम्मानित किये गए।

– वर्ष 2015 में उत्तराखंड सरकार  द्वारा “संस्कृति संवाहक सम्मान” कला के क्षेत्र  में सम्मानित हुए

– वर्ष 2016 में कोलकाता में बालाजी सम्मान से सम्मानित हुए

-वर्ष 2016 में www.daudnagar.in की तरफ से कला और संस्कृति के क्षेत्र में सम्मान

4 comments on “Dharmveer Bharti- धर्मवीर भारती
  1. बसंत कुमार says:

    हमारे परम् मित्र भाई धर्मवीर जी पर गर्व् है ।

  2. Govinda Raj says:

    World best Director & Person……..

    Inhone kitno ko zameen se aashman tk pahuchaya hai…..

  3. Vijay Kumar singh says:

    Daudnagar Ka jitiya parwa ka ek apani pahchan hai. Ish parwa rastriya pahchan dilane ke liye prayasarat Dharmvir bharti g ko bahut bahut dhanyawad daudnagar k wasiyo ki yor se de raha hu.asha karta hu ki aapka prayas safal ho. By- Vijay Kumar Singh assistant teacher, Govt. Girls Middle School Daudnagar, Aurangabad,Bihar.

  4. आर्य अमर केशरी says:

    बहुत ही सुन्दर आज धर्मवीर भईया के चलते ही दाउदनगर के नाम आज दूर दूर तक जाने लगी है ।
    गर्व होती है कि धर्मवीर भारती भईया के कारण आज कलाकारी के क्षेत्र में देश स्तर पर नाम लिया जाता है ।

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