आजादी की लड़ाई के सबसे बड़ी कुर्बानीयों में से एक है जालियांवाला बाग जनसंहार


आजादी की लड़ाई की सबसे बड़ी कुर्बानीयों में से एक जालियांवाला बाग जनसंहार है।इस शताब्दी अवसर के अवसर पर देश की गंगा जमुनी तहजीब को बनाए रखने, संविधान को मजबूत करने और इन पर हमला करने वाली ताकतों को इस चुनावी जंग में शिकस्त देने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। उक्त बातें भारतीय किसान महासभा के महासचिव पूर्व विधायक राजा राम सिंह ने
भाकपा माले जिला कमेटी के तत्वाधान में दाउदनगर के भखरुआं पटना रोड स्थित पार्टी कार्यालय में जालियांवाला बाग जनसंहार के एक सौ वर्ष पूरा होने पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कही।उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया। 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव पूर्व विधायक श्री सिंह ने आगे कहा कि देश ने जिस हिंदू मुस्लिम एकता के बल पर साम्राज्यवाद का मुकाबला किया था, उस एकता को आज के निरंकुश शासकों के हमलों से हर कीमत पर बचाना है और लोकतंत्र की रक्षा करनी है. सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के पूर्व जिला सचिव जनार्दन प्रसाद सिंह ने की। इस मौके पर भाकपा माले के जिला सचिव मुनारीक राम, प्रखंड सचिव मदन प्रजापति,टाउन सचिव बिरजू चौधरी,पूर्व मुख्य पार्षद धर्मेंद्र कुमार ,मनमोहन सिंह ,सत्येंद्र कुमार, संजय कुमार, महफूज आलम ,सुदामा सिंह समेत अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे जिला सचिव ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन बालिका इंटर स्कूल दाउदनगर में किया जाना था लेकिन प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के कारण इसे पार्टी कार्यालय में किया गया।

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