कठिन परिश्रम से ही मिलती है कामयाबी

कामयाबी हासिल करने के लिए किसी भाषा के मोहताज होने की जरूरत नहीं है।आपकी भाषा जो भी जो है, उसी में पूरी संजीदगी के साथ मेहनत करें,जिससे मुकाम हासिल होगी।कामयाबी हासिल करने के लिए कठोर परिश्रम करने की जरूरत होती है।जिस चीज को पढ़ें पूरी शिद्दत से पढ़ें और यही कामयाबी प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता है। उक्त बातें एसडीओ अनीस अख्तर ने इस्लाहिया इस्लामिक इंग्लिश स्कूल का आयोजित प्रथम वार्षिकोत्सव में कही। एसडीओ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. अलीम एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी जफर इमाम भी इस मौके पर उपस्थित थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मुस्ताक ने की।कमेटी से जुड़े सदस्यों द्वारा कहा गया कि आज के दौर में शिक्षा हर एक बच्चे का हक है। शिक्षा को घर- घर पहुंचाने के लिए इस संस्था की स्थापना की गई है, जहां हिंदी ,उर्दू, इंग्लिश के साथ -साथ इस्लामिक और दीन की बातें सिखाई जाती हैं।उन गरीब गरीब बच्चों का ध्यान रखा जाता है, जिनके अभिभावक गरीबी के कारण अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते। बच्चो द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति शानदार रही।माँ बाप बड़े अनमोल है, माँ बाप बड़े अनमोल है, हुक्म ए खुदा है इनको कभी तू ना भूल। इस गीत ने महफ़िल में बैठे लोगों का दिल मोह लिया।इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष शब्बीर अहमद, सचिव बदरुद्दीन, सत्तार अंसारी, मो. अनवर, मो. मंसूर,मो.मुस्लिम,आरजू, रमजान अली, सलीम, बेलाल, अब्दुल्ला, सुहैल, समीरुद्दीन, अब्दुल कयूम आदि उपस्थित थे।

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