जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए की गई पहल


शहर के दो स्थानों पर जलजमाव से लोग परेशान हैं। अब्दुल बारी रोड में व्याप्त जलजमाव से आने जाने वाले परेशान तो हैं ही साथ ही मुहल्ले के लोग जलजमाव से उठ रहे दुर्गंध से परेशान हैं।घरों में भी पानी चला जा रहा है।
यही स्थिति शहर के अफीम कोठी में भी है, क्योंकि शहर के करीब कई वार्डों का नाली का पानी गड़ही में गिरता रहा है, लेकिन एक निजी जमीन पर कुछ दिनों पहले भरावट हो जाने के बाद गड़ही का पानी नाली से निकलकर अफीम कोठी की गली में बहने लगा और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होने लगी।इन दो प्रमुख स्थानों पर व्याप्त जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद के नगर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ अमित कुमार ने सोमवार को स्थल का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों से बातचीत की और समस्या का हल निकालने का प्रयास किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार जगन मोड़ के पास सुरती का पुल के पास प्रभावित किसानों द्वारा नाला बंद कर दिए जाने के कारण कई वार्डों के नाली का पानी अब्दुल बारी पथ जैसे महत्वपूर्ण इलाके में सड़क पर बह रहा था। जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी ।नाली का पानी सड़क पर भरा था। दरअसल बात यह है कि जगन मोड़ होते हुए साइफन तक जानेवाला पानी निजी खेत से होते हुए जा रहा था और खेत में पानी जमा हो जाता है। प्रभावित किसानों को खेती तक करने में परेशानी होती है।खेतों में ही जल जमाव हो जाने के कारण प्रभावित लोग खेती तक नहीं कर पाते हैं। प्रभावित किसानों का कहना है कि कुछ महीना पूर्व भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई थी, उस समय नगर परिषद द्वारा पहल करते हुए समझौता किया गया था। कहा गया था कि नया नाला का निर्माण कर इस समस्या का हल किया जाएगा, लेकिन इस समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया और समस्या पूर्ववत बनी हुई है। नाला का पानी मौला की ओर खेतों में जाकर गिरते रहता है और जमा रहता है।प्रभावित किसान खेती तक नहीं कर पाते हैं ।अआजीज प्रभावित किसान द्वारा फिर से नाला को ही बंद कर दिया गया, जिसके कारण मुख्य सड़क पर नाली का पानी बहने लगा ।
ई ओ ने द्वारा की गई पहल:
नगर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ अमित कुमार ने सिटी मैनेजर एवं प्रभारी प्रधान सहायक के साथ इन दोनों स्थानों की समस्या को देखते हुए निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की ।इसके बाद नगर परिषद जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भी वार्ता की गयी। नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि प्रभावित पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया गया है।जगन मोड़ के प्रभावित किसान से लिखित समझौता की जा रही है,जबकि गड़ही के पास के निजी जमीन वाले दो लोंगो से उनकी जमीन से कुछ दिनों के लिए जलनिकासी कराने का अनुरोध किया गया है और वे तैयार भी हो गये हैं। 25 जनवरी तक प्रस्तावित तीन नालों के निर्माण की योजना को तकनीकी स्वीकृति मिल जाने की पूरी उम्मीद है और उसके बाद आगे की प्रक्रिया को पूरी करते हुए नाला निर्माण कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। यदि इन तीनों नालों का निर्माण हो जाता है तो काफी हद तक उक्त दोनों मुहल्लों की जलजमाव की समस्या का समाधान हो सकता है।

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