आस्था का  केंद्र बना इवा का मजार।

शहर के सिपहां लख पर स्थित इवा का मजार पर आज यंहा मेला का नजारा रहेगा।श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।यह स्थान अब धीरे धीरे आस्था का केंद्र होते जा रहा है।
दाउदनगर कॉलेज दाउदनगर के अवकाशप्राप्त व्याख्याता प्रो. गणेश प्रसाद गुप्ता द्वारा तकरीबन 35 वर्षों से यहां पर विशेष आयोजन क्रिसमस डे के अवसर पर किया जाता रहा है ।
प्रो. गुप्ता के अनुसार, 1984 से लगातार इस स्थान पर यह विशेष आयोजन करते आ रहे हैं। इसके पीछे की सच्ची घटना का जिक्र करते हुए वह बताते हैं कि किसी अंग्रेज अफसर की 11 वर्षीय बेटी इवा की मौत 11 वर्ष की अवस्था में 1879 ईस्वी में हो गई थी ।उस अंग्रेज अफसर द्वारा नहर के बगल में स्थित खाली पड़े भूभाग पर अपनी पुत्री इवा को दफनाया गया। उस समय यातायात का साधन बोट हुआ करता था। प्रो। गुप्ता को कोई संतान नहीं थी। उस समय आम लोगों की भावनाओं से प्रेरित होकर उनके अंदर भी आस्था जगी और वह भी इवा के मजार पर पहुंचकर आस्था पूर्वक पूजा अर्चना करने लगे, जिसके परिणाम स्वरुप 1983 ईस्वी में उनकी पुत्री का जन्म हुआ ,जिसका नाम उन्होंने इवा रखा और उस समय से वह क्रिसमस डे के अवसर पर प्रत्येक 25 दिसंबर को विशेष आयोजन करने लगे। अपनी पुत्री के जन्म दिन के अवसर पर यह विशेष आयोजन लगातार 35 वर्षों से करते आ रहे हैं यह स्थान धीरे-धीरे आम लोगों के आस्था का केंद्र बनते जा रहा है हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है और इस आयोजन ने मेला का रुप ले लिया है। प्रो. गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष भी यहां पर धूमधाम से विशेष आयोजन किया जाएगा। दोपहर 1 बजे से प्रार्थना सभा आयोजित होगी और प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

Leave a Reply